
भिवाड़ी (राजस्थान) में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट और आग की घटना में 7 मजदूरों की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक हेमंत कुमार शर्मा को हिरासत में ले लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। बता दें कि खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद भीषण आग लग गई। हादसे में 7 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। विस्फोट इतना भयानक था कि कई मजदूरों के शव बुरी तरह जल गए। घटना के बाद पुलिस ने फैक्ट्री को सील कर दिया और फैक्ट्री मैनेजर अभिनंदन तिवारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
500 मीटर दूर दूसरी अवैध फैक्ट्री और गोदाम का खुलासा
मंगलवार को पुलिस ने घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर एक अन्य अवैध पटाखा फैक्ट्री और गोदाम का पता लगाया। जांच में सामने आया कि दोनों स्थानों का मालिक भी हेमंत कुमार शर्मा ही है। यहां पटाखा बनाने की मशीनें और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
तीन जगहों पर चल रहा था अवैध कारोबार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आग लगने वाली फैक्ट्री, दूसरी फैक्ट्री और गोदाम—तीनों ही स्थान शाहजहांपुर (कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र) निवासी हेमंत कुमार शर्मा के नाम पर लीज पर लिए गए थे। इन जगहों पर अवैध रूप से पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से कच्चा माल, मशीनें और पटाखा बनाने का उपकरण मिला, जबकि गोदाम से तैयार पटाखों की बड़ी खेप जब्त की गई।
पुलिस जांच और संभावित साजिश की पड़ताल
पुलिस ने फैक्ट्री मालिक हेमंत कुमार शर्मा और मैनेजर अभिनंदन तिवारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही, हेमंत के भाई और पुलिस विभाग में तैनात हेड कांस्टेबल योगेश कुमार शर्मा की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आईजी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
जयपुर रेंज के आईजी राघवेंद्र सुवास ने घटनास्थल का दौरा कर जांच की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि आग की घटना को लेकर पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जबकि दूसरी फैक्ट्री और गोदाम से जुड़े मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









