
Bangladesh violence again, बांग्लादेश के फरीदपुर जिले में शुक्रवार रात डिस्ट्रिक्ट स्कूल की 185वीं वर्षगांठ समारोह के दौरान बड़ा बवाल हो गया। रॉक सिंगर जेम्स (नागर बाउल) का कॉन्सर्ट शुरू होने ही वाला था कि इससे पूर्व अचानक भीड़ ने पथराव कर दिया और कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी फैल गई।
जानकारी के मुताबिक घटना रात करीब 9:30 बजे की है, जब जेम्स मंच पर आने वाले थे। आयोजकों ने बताया कि कुछ बाहरी लोग जबरन एंट्री की कोशिश कर रहे थे। रोकने पर उन्होंने ईंट-पत्थर और कुर्सियां फेंककर हमला कर दिया और स्टेज की ओर बढ़ने लगे।
कॉन्सर्ट तुरंत रद्द, 20 लोग घायल
बढ़ती अराजकता को देखते हुए जिला प्रशासन के आदेश पर कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। हिंसा में 20 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई, जिनमें ज्यादातर छात्र और स्वयंसेवक शामिल हैं। मौके पर मौजूद युवाओं ने स्थिति काबू में करने की कोशिश की, तब जाकर हमलावर पीछे हटे।
रात करीब 10 बजे आयोजन समिति के संयोजक डॉ. मुस्तफिजुर रहमान शमीम ने घोषणा की कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु जेम्स का कॉन्सर्ट रद्द किया जा रहा है। वहीं जेम्स व उनके बैंड को सुरक्षा में बाहर निकाला गया, किसी कलाकार को चोट नहीं पहुंची।
1840 में ब्रिटिश शासनकाल में हुआ था स्कूल का निर्माण
वर्षगांठ प्रचार समिति के संयोजक राजिबुल हसन खान ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी थीं, लेकिन अचानक हुए हमले ने सभी को चौंका दिया। उन्होंने कहा कि यह हमला किसने और क्यों किया स्पष्ट नहीं है।
फरीदपुर जिला स्कूल बांग्लादेश के ऐतिहासिक शिक्षण संस्थानों में से एक है, जिसकी स्थापना 1840 में ब्रिटिश शासन काल में हुई थी।
ढाका में छायानट पर भीड़ का हमला
हाल ही में ढाका स्थित सांस्कृतिक संस्थान छायानट (Chhayanaut) पर भी भीड़ ने हमला किया। छह मंजिला इमारत में घुसकर आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की गई। तबला, हारमोनियम, वायलिन समेत कई संगीत वाद्य चोरी या क्षतिग्रस्त हुए। CCTV नष्ट कर सर्वर में भी आग लगा दी गई।
संस्थान के अनुसार किताबें, ऐतिहासिक दस्तावेज और पेंटिंग्स जल गए, जिससे लगभग 2.2 करोड़ टका का नुकसान हुआ।
भारतीय कलाकारों ने कार्यक्रम रद्द किए
भारतीय सारोद वादक शिराज अली खान (उस्ताद अली अकबर खान के पोते) का 19 दिसंबर को छायानट में प्रदर्शन होना था, लेकिन हिंसा की खबर के बाद कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार शिराज ने अपनी पहचान छिपाकर ढाका छोड़ा और कोलकाता पहुंच गए।
इसके बाद उस्ताद राशिद खान के बेटे अरमान खान सहित कई भारतीय और बांग्लादेशी कलाकारों ने सुरक्षा कारणों से अपने शो कैंसिल या पोस्टपोन कर दिए। उदीची शिल्पीगोष्ठी जैसे सांस्कृतिक संगठनों को भी आग के हवाले किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।
कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर खतरा
इन लगातार हमलों ने संगीतकारों की सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सांस्कृतिक गतिविधियों के भविष्य पर गंभीर चिंता खड़ी की है। सोशल प्लेटफॉर्म पर लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार जल्द कदम उठाए और कलाकारों तथा आयोजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।









