
दिल्ली में वायु गुणवत्ता में एक बार फिर से तेज गिरावट देखने को मिल रही है। अब राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) “बहुत खराब” श्रेणी में वापस लौट आया है, जिसके चलते लोगों को सांस लेने में कठिनाई, आँखों में जलन, और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का AQI लगभग 332 तक पहुँच गया है, जो 300 के ऊपर होने पर “बहुत खराब” श्रेणी में किया जाता है।
यह गिरावट कुछ दिन पहले हुए थोड़े सुधार के बाद आई है, लेकिन कमजोर हवाओं के चलते प्रदूषक कण फैल नहीं सके, जिससे वायु की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई है।
क्या हुआ AQI में अचानक वृद्धि का मुख्य कारण?
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में बढ़ोतरी के कई प्रमुख कारक हैं:
- मौसम और धीमी हवाएँ
जब हवाएँ कमजोर होती हैं, तो धूल और प्रदूषण का फैलाव नहीं हो पाता, जिससे वायु में PM2.5 और PM10 जैसे कण फंस जाते हैं।
- वाहनों से निकलने वाला धुआं
भारी ट्रैफिक और वाहनों के उत्सर्जन से पैदा होने वाले प्रदूषक भी एक गंभीर समस्या बन चुके हैं।
- कोहरा और उच्च आर्द्रता
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कोहरे के संभावित दुष्प्रभावों के लिए चेतावनी जारी की है, जिससे दृश्यता में कमी और प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी होती है।
इन सभी कारणों के चलते दिल्ली की हवा में प्रदूषण कणों की मात्रा तेजी से बढ़ रही है, जिसका स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। Delhi AQI
AQI स्तर क्या कहता है?
AQI का स्तर यह दर्शाता है कि हवा में किस प्रकार का प्रदूषण है।
सामान्य रूप से कैटेगरी इस प्रकार होती है:
| AQI स्तर | श्रेणी |
| 0-50 | अच्छा |
| 51-100 | संतोषजनक |
| 101-200 | मध्यम |
| 201-300 | खराब |
| 301-400 | बहुत खराब |
| 401-500 | गंभीर |
इस महीने दिल्ली में कई क्षेत्रों में AQI 300 से ऊपर तक दर्ज किया गया है, जो “बहुत खराब” और “गंभीर” भाग के करीब है।
दिल्ली सरकार और प्रशासन की कार्रवाई
दिल्ली सरकार द्वारा प्रदूषण को रोकने और हवा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए अलग-अलग कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
- परिवहन विभाग द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाली वाहनों के खिलाफ कार्यवाही
- कई बसों और गाड़ियों को जब्त करना
- PUC (Pollution Under Control) सेंटरों पर सख्ती
- नियमों का अनुपालन न करने वाले केंद्रों को निलंबित करना
इन उपायों का उद्देश्य प्रदूषण को कम करना है, लेकिन मौसम की परिस्थितियाँ और उत्सर्जन के स्रोत अभी भी चिंता का विषय हैं।
स्वास्थ्य पर प्रभाव और सावधानियाँ
“बहुत खराब” या “गंभीर” Delhi AQI के स्तर पर स्वास्थ्य पर असर हो सकता है:
सांस की तकलीफ और खांसी
आँखों में जलन या लालन
बूढ़े, बच्चे और गर्भवती महिलाएँ अधिक संवेदनशील
अस्थमा या दिल-फेफड़ों के रोगियों पर गंभीर प्रभाव
विशेषज्ञ सलाह
- आज के दिनों में बाहर कम जाएँ
- अगर बाहर जाएँ तो मास्क पहनें
- घर में एयर प्यूरीफायर चलाएँ
- भारी मेहनत या व्यायाम से बचें
क्या आस-पास के शहरों में भी AQI बढ़ा?
दिल्ली N-C-R के अन्य शहरों में भी वायु गुणवत्ता खराब दर्ज की गई है:
- गुरुग्राम: AQI ~312 (“बहुत खराब”)
- नोएडा और ग्रेटर नोएडा: AQI ~376-395 के बीच (“बहुत खराब”)
यह दर्शाता है कि वायु प्रदूषण अकेले दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे NCR में फैल रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. दिल्ली में AQI फिर क्यों बढ़ा है?
दिल्ली में AQI कमजोर हवाओं, कोहरे, वाहनों के उत्सर्जन और मौसम की स्थिति के कारण फिर से “बहुत खराब” स्तर पर पहुँच गया है।
Q2. “बहुत खराब” AQI का अर्थ क्या होता है?
जब AQI 301-400 के बीच होता है, तो हवा में प्रदूषक बहुत अधिक होते हैं और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे पैदा कर सकते हैं।
Q3. AQI बढ़ने पर क्या सावधानियों की जरूरत है?
हाँ। बेहतर है कि आप कम से कम बाहर जाएँ, मास्क पहनें और Indoor Air Quality का ध्यान रखें।
Q4. क्या AQI सुबह-शाम अलग दर्ज होता है?
हाँ। मौसम, हवाओं की गति और तापमान के कारण AQI पूरे दिन बदल सकता है।
Q5. क्या इस समय हवा में जहरीली स्मॉग है?
कुछ इलाकों में भारी स्मॉग और धुंध दिखाई दे रही है, जिससे दृश्यता कम हो रही है और स्वास्थ्य पर असर भी हो रहा है।
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