
झारखंड से दिल्ली जा रहा एक चार्टर्ड एयर एंबुलेंस विमान सोमवार शाम चतरा जिले के समरिया के जंगलों में क्रैश हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई। यह विमान रेडबर्ड कंपनी का Beechcraft King Air B90 था, जिसे मेडिकल इमरजेंसी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
रांची से उड़ान, 23 मिनट बाद संपर्क टूटा
जानकारी के मुताबिक फ्लाइट ने शाम 7:11 बजे रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। 7:34 बजे एयरक्राफ्ट का कम्युनिकेशन अचानक टूट गया। कुछ ही देर बाद चतरा जिले के समरिया के घने जंगलों में विमान के क्रैश होने की पुष्टि हुई। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था।
विमान में कौन-कौन सवार था?
एयर एंबुलेंस में कुल सात लोग मौजूद थे:
- कैप्टन विवेक विकास भगत (पायलट)
- कैप्टन सबराजदीप सिंह (को-पायलट)
- संजय कुमार (मरीज)
- अर्चना देवी (परिजन)
- धूरू कुमार (परिजन)
- विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर)
- सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिकल स्टाफ)
हादसे में सभी की मौके पर ही मौत हो गई।
65% जले मरीज को दिल्ली ले जाया जा रहा था
रांची के देवकमल हॉस्पिटल के CEO अनंत सिन्हा ने बताया कि लातेहार जिले के चंदवा निवासी 41 वर्षीय संजय कुमार को 16 फरवरी को 65% जलने की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका इलाज चल रहा था, लेकिन परिजनों ने बेहतर उपचार के लिए दिल्ली ले जाने का फैसला किया।
मरीज को शाम करीब 4:30 बजे अस्पताल से एयरपोर्ट लाया गया और एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेजा गया। दुर्भाग्यवश, उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान हादसे का शिकार हो गया।
DGCA: खराब मौसम के कारण डायवर्जन मांगा था
नागर विमानन महानिदेशालय Directorate General of Civil Aviation (DGCA) के अनुसार, विमान ने करीब 7:10 बजे रांची से उड़ान भरी थी। शाम 7:30 बजे पायलट ने खराब मौसम के कारण रास्ता बदलने (डायवर्जन) की अनुमति मांगी थी। इसके तुरंत बाद कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से विमान का संपर्क और रडार कनेक्शन टूट गया।
DGCA ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका खराब मौसम और तकनीकी समस्या की जताई जा रही है, हालांकि हादसे का सटीक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
इलाके में शोक की लहर
घटना के बाद झारखंड में शोक की लहर है। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है। राज्य सरकार ने भी हादसे पर दुख जताया है और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
यह हादसा एक बार फिर खराब मौसम और एयर एंबुलेंस ऑपरेशन की चुनौतियों पर सवाल खड़े करता है। अब सबकी नजर DGCA की जांच रिपोर्ट पर है, जो बताएगी कि आखिर इस दर्दनाक दुर्घटना की असली वजह क्या थी।










