
महाराष्ट्र में मुस्लिमों का 5% आरक्षण खत्म, सरकार के फैसले पर विवाद
देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुस्लिम वर्ग को दिए गए 5% आरक्षण से जुड़ा पुराना फैसला रद्द कर दिया है। अब कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में इस आरक्षण के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा, साथ ही नए जाति प्रमाणपत्र और वैधता प्रमाणपत्र भी जारी नहीं किए जाएंगे सरकार के इस फैसले पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने रमजान के समय मुस्लिम समुदाय से 5% आरक्षण छीन लिया, जबकि मुंबई हाई कोर्ट ने मुस्लिमों में पढ़ाई छोड़ने की दर अधिक होने की बात कही थी।
यह आरक्षण 2014 में एक अध्यादेश के जरिए विशेष पिछड़ा प्रवर्ग (SBC-A) के तहत लागू किया गया था, लेकिन हाई कोर्ट ने 14 नवंबर 2014 को इस पर रोक लगा दी थी और बाद में यह कानून नहीं बन सका। अब सरकार ने उस आधार पर जारी सभी आदेश भी निरस्त कर दिए हैं। इस फैसले से मुस्लिम युवाओं के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं और आने वाले समय में विपक्षी दलों द्वारा विरोध प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है।
शिवाजी–टीपू विवाद तेज, नितेश राणे का असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस पर हमला
महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सकपाल के माफी मांगने के बाद भी मामला गरमाया हुआ है। अब राज्य सरकार के मंत्री नितेश राणे ने कांग्रेस और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पर तीखा हमला बोला है
नितेश राणे ने मालेगांव नगरपालिका में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शिवाजी की भूमि पर टीपू सुल्तान की तस्वीर किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीपू सुल्तान हिंदुओं के खिलाफ था और असदुद्दीन ओवैसी द्वारा उसके समर्थन के दावे गलत हैं। राणे ने हर्षवर्धन सकपाल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर टीपू सुल्तान आज जीवित होता तो वह किसी को भी नहीं छोड़ता। उन्होंने कहा कि शिवाजी की भूमि पर केवल शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर ही लगनी चाहिए। मंत्री ने AIMIM पर भी आरोप लगाया कि वह चुनाव के समय ‘जय भीम’ और ‘जय मीम’ के नारे लगाती है, लेकिन बाद में केवल ‘जय मीम’ तक सीमित रह जाती है।
नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन ने 9 महीनों में सुलझाईं 80 हजार शिकायतें
नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) ने पिछले 9 महीनों में 31 क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की करीब 80 हजार शिकायतों का समाधान किया है। इस दौरान उपभोक्ताओं को कुल 52 करोड़ रुपये का रिफंड दिलाया गया, जिसमें सबसे ज्यादा 36.80 करोड़ रुपये ई-कॉमर्स क्षेत्र से जुड़े मामलों में वापस कराए गए। यह जानकारी उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने दी। 25 अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच NCH ने 79,521 शिकायतों का निपटारा अदालत जाने से पहले ही कराया। हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को तय समय सीमा में समाधान के लिए सीधे संबंधित कंपनियों को भेजा जाता है और उनकी लगातार निगरानी की जाती है। सबसे अधिक 47,743 शिकायतें ई-कॉमर्स सेक्टर से संबंधित थीं। इसके बाद यात्रा और परिवहन क्षेत्र में उपभोक्ताओं को चार करोड़ रुपये से ज्यादा का रिफंड मिला। मंत्रालय के अनुसार, ई-कॉमर्स से जुड़ी शिकायतें देशभर से आईं, जिनमें बड़े शहरों के साथ दूरदराज के इलाके भी शामिल हैं। NCH, उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 के तहत उपभोक्ताओं को आसान और समयबद्ध शिकायत समाधान उपलब्ध कराने की सरकार की प्रमुख पहल मानी जाती है।
यूरोप में बढ़े भारत–चीन के पर्यटक, अमेरिकी यात्रियों में दिखी सुस्ती
यूरोपीय ट्रैवल कमीशन (ETC) की रिपोर्ट के अनुसार यूरोप भारतीय और चीनी पर्यटकों की पसंद बनता जा रहा है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि इस साल यूरोप में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन में 6.2% की बढ़ोतरी होगी। हालांकि इस बार अमेरिकी पर्यटकों की संख्या में सुस्ती देखने को मिल रही है रिपोर्ट के मुताबिक, आर्थिक चिंताओं और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण 2026 में अमेरिकी पर्यटकों की यूरोप यात्रा की इच्छा कम हुई है। अमेरिका और अन्य अमेरिकी देशों से यूरोप आने वाले पर्यटकों में केवल 4.2% वृद्धि का अनुमान है, जबकि चीन से आने वाले पर्यटकों में 28% और भारत से 9% बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। एविएशन डेटा प्लेटफॉर्म Cirium के आंकड़ों के अनुसार यूरोप और अमेरिका के बीच फ्लाइट बुकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद यूरोप में यात्रियों का खर्च बढ़ रहा है और सैलानी अब सस्ती यात्रा के बजाय प्रीमियम अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भारत और चीन जैसे बाजार यूरोपीय पर्यटन उद्योग को नई मजबूती और स्थिरता प्रदान कर रहे हैं।
ईरान अमेकिता विवाद, इजराइल ने जताया युद्ध का खतरा
ईरान ने कहा है कि तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर अपने विवाद को सुलझाने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ कुछ मुख्य ‘गाइडिंग प्रिंसिपल्स’ पर सहमति बनी है। हालांकि तनाव अभी भी बरकरार है और युद्ध का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। इजराइल के एक अधिकारी ने दावा किया है कि अमेरिका ने उसे बताया है कि ईरान के साथ चल रही बातचीत से कोई खास फायदा नहीं होगा।
जिनेवा में हुई इनडायरेक्ट वार्ता के बाद अमेरिका ने बातचीत में प्रगति की बात कही, जबकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अभी कई मुद्दों पर काम बाकी है। इस बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा दी है। वार्ता के मध्यस्थ बद्र अल्बुसैदी ने कहा कि बातचीत कॉमन लक्ष्यों और तकनीकी मुद्दों की पहचान में सकारात्मक रही।

वहीं इजराइली अधिकारी ने दावा किया कि ईरान अमेरिका की शर्तें मानने को तैयार नहीं है और केवल अपनी शर्तों पर अड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने की चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि वह तभी कार्यक्रम सीमित करेगा, जब उस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएंगे।
यूरोप में बढ़े भारत–चीन के पर्यटक, अमेरिकी पर्यटकों में दिखी सुस्ती
यूरोपीय ट्रैवल कमीशन (ETC) की रिपोर्ट के अनुसार यूरोप भारतीय और चीनी पर्यटकों की पसंद बनता जा रहा है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि इस साल यूरोप में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन में 6.2% की बढ़ोतरी होगी। हालांकि इस बार अमेरिकी पर्यटकों की संख्या में सुस्ती देखने को मिल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, आर्थिक चिंताओं और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण 2026 में अमेरिकी पर्यटकों की यूरोप यात्रा की इच्छा कम हुई है। अमेरिका और अन्य अमेरिकी देशों से यूरोप आने वाले पर्यटकों में केवल 4.2% वृद्धि का अनुमान है, जबकि चीन से आने वाले पर्यटकों में 28% और भारत से 9% बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।एविएशन डेटा प्लेटफॉर्म Cirium के आंकड़ों के अनुसार यूरोप और अमेरिका के बीच फ्लाइट बुकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद यूरोप में यात्रियों का खर्च बढ़ रहा है और सैलानी अब सस्ती यात्रा के बजाय प्रीमियम अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भारत और चीन जैसे बाजार यूरोपीय पर्यटन उद्योग को नई मजबूती और स्थिरता प्रदान कर रहे हैं।
बांग्लादेश में नई सरकार के बाद सेना प्रमुख वकार-उज-जमान की कुर्सी पर संकट?
बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद सेना प्रमुख वकार-उज-जमान की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। इसकी दो प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं। पहली, उनके धुर-विरोधी खलीलुर रहमान को नई सरकार में विदेश मंत्री बनाया गया है। दूसरी, बांग्लादेश की वह परंपरा जिसमें नई सरकार बनने पर सेना प्रमुख बदले जाते रहे हैं। वकार को 2024 में शेख हसीना ने सेना प्रमुख नियुक्त किया था। सत्ता परिवर्तन के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के साथ उनके मतभेद भी सामने आए थे। अब चीफ ऑपरेशन स्टाफ की नियुक्ति को लेकर भी खींचतान है। खलीलुर जहां मेजर मीर मुशफिकुर रहमान के पक्ष में हैं, वहीं वकार अपने करीबी को इस पद पर लाना चाहते हैं। इतिहास देखें तो 1996, 2001 और 2008 में भी सत्ता बदलने पर सेना प्रमुख बदले गए थे। ऐसे में वकार-उज-जमान की कुर्सी पर संकट की चर्चा तेज हो गई है।
बांग्लादेश में 35 साल बाद पुरुष पीएम, लेकिन नई कैबिनेट में सिर्फ 6% महिलाएं
बांग्लादेश के हालिया आम चुनावों में Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने 299 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इसके बाद तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। करीब 35 साल बाद देश को पुरुष प्रधानमंत्री मिला है।
हालांकि नई 49 सदस्यीय कैबिनेट में केवल 3 महिलाएं शामिल हैं, जिससे महिला प्रतिनिधित्व घटकर लगभग 6% रह गया है। अफरोजा खानम रीता को नागरिक उड्डयन व पर्यटन मंत्री, शमा ओबैद इस्लाम को विदेश राज्य मंत्री और फरजाना शरमीन पुतुल को महिला एवं बाल मामलों व सामाजिक कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है।
महिला अधिकार संगठनों ने इस गिरावट पर चिंता जताई है। 2019 में शेख हसीना के नेतृत्व वाली कैबिनेट में 4 महिलाएं थीं, जबकि 2009 में 31 सदस्यों में 5 महिलाएं (करीब 16%) थीं—जो अब तक का सर्वाधिक अनुपात था। विशेषज्ञों का कहना है कि शीर्ष स्तर पर कम भागीदारी राजनीतिक सशक्तिकरण की उपलब्धियों को कमजोर कर सकती है।
मिडटर्म से पहले ट्रंप की बढ़ी मुश्किलें
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ता दिख रहा है और एक ताजा सर्वे ने राष्ट्रपति Donald Trump तथा उनकी पार्टी के लिए चिंता बढ़ा दी है। YouGov और The Economist द्वारा कराए गए सर्वे में 1,682 वयस्कों की राय ली गई, जिसमें 56% लोगों ने ट्रंप के कामकाज से सख्त या कुछ हद तक असहमति जताई। सर्वे के मुताबिक 47% उत्तरदाताओं ने उन्हें नस्लवादी, 49% ने भ्रष्ट और 46% ने क्रूर नेता बताया। ये आंकड़े ऐसे समय आए हैं जब उनकी लोकप्रियता में गिरावट दर्ज की जा रही है और रिपब्लिकन खेमे में बेचैनी बढ़ती नजर आ रही है।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि असली जनमत 5 नवंबर 2024 को सामने आया था, जब करीब 8 करोड़ अमेरिकियों ने ट्रंप को चुना। प्रशासन का दावा है कि राष्ट्रपति ने देश और दुनिया दोनों स्तरों पर ऐतिहासिक प्रगति की है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई और अर्थव्यवस्था फिलहाल मतदाताओं के लिए सबसे बड़े मुद्दे बने हुए हैं। आंकड़ों में महंगाई दर में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन आम परिवारों को आर्थिक राहत महसूस नहीं हो रही, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।
अमेरिकी राजनीति के इतिहास में अक्सर मिडटर्म चुनावों में सत्ताधारी दल को झटका लगता है और इस बार भी Republican Party को हाउस में सीटें गंवाने की आशंका जताई जा रही है, जबकि सीनेट में भी मुकाबला कड़ा हो सकता है। सर्वे यह भी बताता है कि ट्रंप की मौजूदा नेट अप्रूवल रेटिंग पूर्व राष्ट्रपति Joe Biden के कार्यकाल के इसी समय से भी कम है। हालांकि रिपब्लिकन समर्थकों के बीच उनका समर्थन अब भी मजबूत बना हुआ है।
भागवत के बयान पर मदनी का पलटवार “मुसलमान अपने धर्म पर कायम रहेंगे”
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के लखनऊ में “घर वापसी” संबंधी बयान के बाद विवाद बढ़ गया है। कई मुस्लिम संगठनों ने आपत्ति जताई है। इस बीच जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
मदनी ने कहा कि “20 करोड़ मुसलमानों की घर वापसी” जैसे बयान देश को नफरत और विभाजन की ओर ले जाते हैं। उनका आरोप है कि देश में हिंसा और लिंचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि सरकार खामोश है। उन्होंने इसे संविधान, एकता और शांति के लिए खतरनाक बताया। मदनी ने दोहराया कि मुसलमान अपने धर्म पर कायम रहेंगे और जमीयत सांप्रदायिक सोच का विरोध करती रहेगी। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर हिंसा स्वीकार्य नहीं, क्योंकि सभी धर्म प्रेम, सहिष्णुता और भाईचारे का संदेश देते हैं।
उत्तराखंड ने पार किया 1 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता का आंकड़ा
पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में 1 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य पार करने पर इसे नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और हरित ऊर्जा नीति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और ग्रीन एनर्जी के विजन से प्रेरित होकर उत्तराखंड में सौर ऊर्जा को जनआंदोलन का रूप दिया गया है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से युवाओं व स्थानीय उद्यमियों को स्वरोजगार के अवसर मिले हैं। राज्य की कुल स्थापित क्षमता में ग्राउंड माउंटेड 397 मेगावाट, रूफटॉप (पीएम सूर्यघर) 241 मेगावाट, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना 137 मेगावाट, कॉमर्शियल नेट मीटरिंग 110 मेगावाट, कैप्टिव प्लांट 51 मेगावाट, कनाल टॉप/बैंक 37 मेगावाट और सरकारी भवनों पर 26 मेगावाट शामिल हैं।
दिल्ली में बढ़ते अपराध पर आप का हमला, कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त
आम आदमी पार्टी (AAP) ने राजधानी में बढ़ती हत्याओं को लेकर दिल्ली सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। आप विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अपराधी बेखौफ हो चुके हैं। उन्होंने नंदनगरी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अपने नाबालिग बेटे को बचाने गए एक पिता की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। अब हालात ऐसे हैं कि बीच-बचाव करने वाले लोगों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
कुलदीप कुमार ने कहा कि पहले झगड़ों में हस्तक्षेप करने पर मामला शांत हो जाता था, लेकिन अब अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि मदद करने वालों को भी गोली मारी जा रही है। उन्होंने त्रिलोकपुरी की घटना का भी उल्लेख किया, जहां एक व्यक्ति को बचाने आए वकील को गोली मार दी गई थी। उन्होंने कहा कि राजधानी में लगातार वारदातें और फिरौती की घटनाएं देश में गलत संदेश दे रही हैं। पुलिस को राजनीति से ऊपर उठकर कानून-व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
शराबबंदी पर फिर बहस तेज, जीतन राम मांझी बोले—नीतीश कुमार करें समीक्षा
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के मधुबनी विधायक माधव आनंद द्वारा शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग के बाद सियासत गरमा गई है। गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
मांझी ने दावा किया कि शराबबंदी से सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि थोड़ी मात्रा में शराब रखने वालों को पुलिस पकड़ रही है, जबकि बड़ी खेप ले जाने वालों को पैसे लेकर छोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य में शराबबंदी प्रभावी नहीं हो पा रही और “होम डिलीवरी” जैसी स्थिति बन गई है। गौरतलब है कि बिहार में 1 अप्रैल 2016 से शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। हाल ही में विधानसभा के बजट सत्र में माधव आनंद ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में कानून की व्यापक समीक्षा की मांग उठाई, जिससे इस मुद्दे पर नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।
दिल्ली सर्राफा बाजार शांत, चांदी 1,000 रुपये चढ़ी, सोना 300 रुपये फिसला
बुधवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, तीन दिन की गिरावट के बाद चांदी 1,000 रुपये बढ़कर 2.46 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। वहीं 99.9% शुद्धता वाला सोना 300 रुपये गिरकर 1,56,700 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पर आ गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, मजबूत डॉलर इंडेक्स और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़े ट्रिगर की कमी से दाम दबाव में हैं। लेमन मार्केट्स के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा कि हालिया गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी से चांदी को सहारा मिला, लेकिन US फेड की पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता से शॉर्ट-टर्म सेंटिमेंट सतर्क है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 3% उछलकर 75.60 डॉलर प्रति औंस और सोना करीब 1% बढ़कर 4,918.64 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। HDFC सिक्योरिटीज के सौमिल गांधी के अनुसार, FOMC मिनट्स से ब्याज दर कटौती के संकेतों पर बाजार की नजर है, जिससे डॉलर, ट्रेजरी यील्ड और बुलियन की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
दिल्ली में नए बायो-मेडिकल वेस्ट प्लांट की तैयारी
दिल्ली सरकार ने पर्यावरणीय ढांचे को मजबूत करने के लिए राजधानी में नए कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी (CBWTF) स्थापित करने की योजना बनाई है। बुधवार को पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने National Productivity Council (NPC), Delhi Pollution Control Committee (DPCC) और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से फिलहाल करीब 40 टन प्रतिदिन बायोमेडिकल कचरा निकल रहा है, जो 2031 तक बढ़ने का अनुमान है। प्रस्तावित नए संयंत्र प्रतिदिन लगभग 46 टन (करीब 2300 किलोग्राम प्रति घंटा, 20 घंटे संचालन) कचरे का निपटान कर सकेंगे। सरकार अत्याधुनिक तकनीक और पर्यावरण मानकों का पालन करने वाले नए पार्टनर्स को आमंत्रित करेगी, जल्द टेंडर जारी होगा। ये संयंत्र ऑटोक्लेविंग, श्रेडिंग और सुरक्षित लैंडफिल प्रक्रिया से कचरे का उपचार करेंगे, जिससे स्वास्थ्य जोखिम और पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा। मंत्री ने कहा कि यह पहल प्रदूषण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति और स्वच्छ, स्वस्थ दिल्ली के लक्ष्य की दिशा में अहम कदम है।
मीरा-भयंदर में ‘हजरत टीपू सुल्तान चौक’ का नाम ‘अशफाक उल्ला खान चौक’
मीरा-भयंदर नगर निगम (MBMC) ने मीरा रोड के नया नगर स्थित ‘हजरत टीपू सुल्तान चौक’ का नाम बदलने का प्रस्ताव बहुमत से मंजूर कर लिया है। सदन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा लाया गया प्रस्ताव पारित हुआ, जिसके बाद अब चौक का नाम स्वतंत्रता सेनानी अशफाक उल्ला खान के नाम पर रखा जाएगा। कांग्रेस ने नाम बदलकर ‘अब्दुल गफ्फार’ करने का सुझाव दिया था, लेकिन बहुमत बीजेपी के पक्ष में होने से उसका प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।
विवाद की शुरुआत नासिक के मालेगांव नगर निगम में समाजवादी पार्टी की नेता शान-ए-हिंद निहाल अहमद द्वारा कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाने पर हुई थी। बाद में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के बयान से मामला और गरमा गया। देवेंद्र फडणवीस ने इसे महाराष्ट्र की अस्मिता से जोड़ते हुए आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने पर सपकाल ने माफी मांगते हुए कहा कि उनके बयान को गलत ढंग से पेश किया गया।
शादी समारोह में AAP सरपंच की गोली मारकर हत्या
पंजाब के तरनतारन जिले में शादी समारोह के दौरान गांव ठठियां महंता के आम आदमी पार्टी (AAP) सरपंच हरपिंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना तरनतारन-बठिंडा नेशनल हाईवे स्थित सिद्धू फार्म में हुई, जहां दो युवकों ने हमला किया। गोलीबारी में मृतक का चचेरा भाई भी घायल हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मैरिज हॉल का सीसीटीवी कैमरा खराब था, जिससे वारदात रिकॉर्ड नहीं हो सकी।
इस मामले पर बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि हमले में AK-47 और 9mm पिस्टल का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने बिगड़ती कानून-व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान और अस्थायी DGP गौरव यादव से इस्तीफे की मांग की। गौरतलब है कि 6 फरवरी को जालंधर में AAP नेता लकी ओबेरॉय की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल और तेज हो गए हैं।
जैन मंदिर से 800 साल पुरानी अष्टधातु मूर्ति चोरी, दो आरोपी गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा के सुनपुरा गांव स्थित जैन मंदिर से 800 साल पुरानी अष्टधातु की मूर्ति चोरी होने से हड़कंप मच गया। मामला इकोटेक थर्ड कोतवाली क्षेत्र का है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मंदिर में काम करने वाले कर्मचारी मुलायम ने अपने साथी चेतन के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर दोनों की भूमिका सामने आई। बताया गया कि मुलायम करीब 10 वर्षों से मंदिर से जुड़ा था और उसे मूर्ति की कीमत का अंदाजा था। उसने योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। राजीव कुमार गुप्ता (एसीपी, सेंट्रल नोएडा) के अनुसार, आरोपियों के पास से अष्टधातु की प्राचीन मूर्ति, चांदी के कलश, बर्तन और चांदी का नारियल बरामद हुआ है। बरामद सामान की कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।








