
Bangladesh votes for general elections, counting to begin in the evening, results on February 13, बांग्लादेश में आज आम चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। इस बार 51 राजनीतिक पार्टियां सत्ता पाने के लिए मैदान में हैं और लगभग 12.7 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव में युवाओं की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है, क्योंकि लगभग आधे मतदाता 18 से 37 साल की उम्र के हैं। इनमें करीब 45.7 लाख मतदाता पहली बार अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे।
बीएनपी (Bangladesh Nationalist Party) सत्ता की सबसे बड़ी दावेदार
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी (Bangladesh Nationalist Party) इस चुनाव में सत्ता की सबसे बड़ी दावेदार मानी जा रही है। अगर बीएनपी जीतती है, तो खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं। इसके अलावा जमात-ए-इस्लामी पार्टी के नेता शफीकुर रहमान और नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के प्रमुख नाहिद इस्लाम भी प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार हैं। नाहिद इस्लाम ने दावा किया है कि उनका गठबंधन, जिसमें जमात-एनसीपी समेत कुल 11 दल शामिल हैं, सरकार बनाने की स्थिति में है।
1,981 उम्मीदवार मैदान
इस चुनाव में कुल 1,981 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 249 निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल हैं। प्रमुख दलों में बीएनपी, जमात-ए-इस्लामी, एनसीपी, जातीय पार्टी (जेपी-कादर), लेफ्ट डेमोक्रेटिक एलायंस और अमर बांग्लादेश पार्टी जैसी पार्टियां शामिल हैं।
मतदान का दौर और लोगों की भागीदारी
बांग्लादेश में आज 299 सीटों पर मतदान हो रहा है। शेरपुर-3 सीट पर एक उम्मीदवार की मौत के कारण वहां मतदान रद्द कर दिया गया। मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक जारी रहेगा, हालांकि अंतिम समय में कतार में खड़े मतदाताओं से भी वोट लिए जाएंगे। मतगणना 12 फरवरी को शाम 4 बजे शुरू होगी और चुनाव आयोग 13 फरवरी की सुबह नतीजे घोषित करेगा।
आज कई मतदान केंद्रों पर महिलाओं की भारी भागीदारी देखी गई। सिलहट-1 स्थित शाहजलाल जामिया इस्लामिया कामिल मदरसा और पठानतुला हाई स्कूल में सुबह से ही लंबी कतारें लगीं। कई मतदाताओं ने बताया कि जल्दी मतदान करने से घर के काम समय पर निपटाने में भी मदद मिलती है। वहीं, ढाका में एक मतदाता ने इस दिन को ईद जैसा बताते हुए कहा कि पूरे देश में उत्साह और खुशी का माहौल है।
प्रमुख नेताओं का मतदान और संदेश
बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने अपने निर्वाचन क्षेत्र ढाका-17 से वोट डाला। उन्होंने मतदाताओं से शांतिपूर्ण ढंग से मतदान करने और योग्य उम्मीदवार को ही वोट देने की अपील की। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि निष्पक्ष चुनाव में बीएनपी की जीत तय है। उनके साथ उनकी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी बैरिस्टर जैमा रहमान भी मतदान केंद्र पर मौजूद रहीं।
बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि यह चुनाव बांग्लादेश में लोकतंत्र के नए अध्याय की शुरुआत करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगा और देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन को बेहतर दिशा मिलेगी।
एनसीपी प्रमुख नाहिद इस्लाम ने ढाका में अपना मतदान किया। उन्होंने बताया कि वे पहले 2018 के चुनाव में वोट देने योग्य थे, लेकिन पिछले दो चुनावों में मतदान नहीं कर पाए। उन्होंने अपने पहले मतदान के अनुभव को साझा करते हुए सभी मतदाताओं से अपने वोट का प्रयोग करने की अपील की। नाहिद इस्लाम ने कहा कि उनका गठबंधन सरकार बनाने की स्थिति में है और जनता जो फैसला देगी, वह उसे पूरी तरह स्वीकार करेंगे।
जमात-ए-इस्लामी प्रमुख शफीकुर रहमान ने भी ढाका के मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव निष्पक्ष हुआ, तो उनकी पार्टी चुनाव परिणाम स्वीकार करेगी। शफीकुर रहमान ने यह भी बताया कि पिछली तीन बार वह जेल में थे और वोट नहीं डाल पाए थे, इसलिए इस बार का मौका उनके लिए बेहद खास है।
चुनाव में सुरक्षा और चुनौतियां
हालांकि चुनाव के दौरान हिंसा और तनाव की कुछ घटनाएं भी सामने आई हैं। कुरीग्राम सदर में एनसीपी उम्मीदवार अतीकुर रहमान की कार पर हमला हुआ, जिसमें उनके छोटे भाई समेत पांच लोग घायल हुए। अतीकुर रहमान को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने रॉड और हॉकी स्टिक से हमला किया, लेकिन पुलिस की प्रतिक्रिया देर से आई।
बांग्लादेश के गृह सलाहकार एमडी जहांगीर आलम चौधरी ने चेतावनी दी है कि मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी जैसे मतपेटी छीनना या फर्जी मतदान करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
बांग्लादेश का यह चुनाव युवा मतदाताओं और नए राजनीतिक गठबंधनों के लिए अहम माना जा रहा है। बीएनपी, एनसीपी और जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख नेताओं ने मतदाताओं से निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान करने की अपील की है। देशभर में महिलाओं की बढ़ी भागीदारी और युवाओं का उत्साह इस चुनाव को विशेष बनाता है। मतदान और मतगणना के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बांग्लादेश में राजनीतिक शक्ति किस गठबंधन के हाथ में जाएगी। बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में लोकतंत्र की यात्रा नए अध्याय की ओर बढ़ रही है, और देश के भविष्य की दिशा मतदाताओं के हाथ में है।









