
आज भारतीय शेयर बाजार में न तो बड़ी तेजी देखने को मिली और न ही भारी गिरावट, लेकिन आईटी सेक्टर (IT Sector) में जबरदस्त बिकवाली ने निवेशकों को चौंका दिया। इस गिरावट की वजह कोई कमजोर आर्थिक आंकड़ा नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता प्रभाव बना।
जैसे-जैसे दुनिया को यह अहसास हुआ कि AI अब सिर्फ सपोर्ट टूल नहीं रह गया है, बल्कि पूरे बिजनेस वर्कफ्लो खुद संभालने की क्षमता हासिल कर रहा है, वैसे-वैसे पारंपरिक आईटी सर्विस मॉडल पर सवाल खड़े होने लगे। इसी डर का असर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिखा और देखते-ही-देखते 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का मार्केट कैप साफ हो गया।
TCS, Infosys और HCL को सबसे बड़ा नुकसान
इस गिरावट में सबसे ज्यादा चोट देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को लगी। शेयरों में कमजोरी के चलते TCS का मार्केट कैप करीब 70,481 करोड़ रुपये घट गया।
इसके बाद Infosys रही, जहां भारी बिकवाली से कंपनी की वैल्यू में लगभग 54,011 करोड़ रुपये की कमी आई।
HCL Technologies को भी बड़ा झटका लगा और करीब 26,811 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया।
मिड-कैप और अन्य आईटी कंपनियों की स्थिति भी बेहतर नहीं रही—
LTI Mindtree: लगभग 14,276 करोड़ रुपये घटे
Wipro: करीब 10,907 करोड़ रुपये की गिरावट
Tech Mahindra: लगभग 10,533 करोड़ रुपये का नुकसान
Anthropic AI ने क्यों बढ़ा डर?
इस उथल-पुथल की जड़ अमेरिका से निकली। जैसे ही Anthropic AI ने अपने नए ऑफिस ऑटोमेशन और प्रोडक्टिविटी टूल्स पेश किए, निवेशकों में चिंता बढ़ गई। कंपनी ने अपने एंटरप्राइज AI असिस्टेंट में ऐसा ऑटोमेशन लेयर जोड़ा है, जो पूरे बिजनेस प्रोसेस को खुद मैनेज कर सकता है।
इससे यह सवाल खड़ा हो गया कि अगर AI खुद फैसले लेने और प्रक्रियाएं पूरी करने लगा, तो क्या भविष्य में कंपनियों को उतनी आईटी सर्विसेज और कस्टम सॉफ्टवेयर की जरूरत रहेगी, जितनी आज है?
ग्लोबल मार्केट में भी असर
AI को लेकर बढ़ी इस चिंता का असर ग्लोबल मार्केट में भी दिखा। अमेरिका में गोल्डमैन सैक्स के सॉफ्टवेयर शेयरों के बास्केट में एक ही दिन में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट आई, जो अप्रैल के बाद सबसे बड़ी मानी जा रही है।
वहीं, फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों का एक इंडेक्स करीब 7 प्रतिशत टूट गया।
खास बात यह रही कि यह बिकवाली अमेरिकी बाजार खुलने से पहले ही शुरू हो गई थी। ट्रेडर्स के मुताबिक, Anthropic की वेबसाइट पर नई जानकारी आने के बाद Experian, RELX और London Stock Exchange Group जैसे शेयरों में अचानक गिरावट देखी गई।
एशियाई टेक सेक्टर रहा थोड़ा मजबूत
एशिया का टेक सेक्टर तुलनात्मक रूप से थोड़ा संभला हुआ नजर आया, क्योंकि यहां फोकस अब भी हार्डवेयर और सेमीकंडक्टर कंपनियों पर है, जिन्हें AI निवेश से फायदा मिल रहा है।
इसके उलट उत्तरी अमेरिका में Thomson Reuters और LegalZoom जैसे शेयर सबसे ज्यादा टूटे। इसका असर iShares Expanded Tech-Software Sector ETF पर पड़ा, जो करीब 4.6 प्रतिशत गिर गया। यह ETF लगातार छह सत्रों से गिरावट में है और जनवरी में इसमें 15 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी है, जो 2008 के बाद सबसे खराब मानी जा रही है।










