
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान लोकसभा में राहुल गांधी की स्पीच शुरू होते ही भारी हंगामा हो गया। नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआती 3–4 पंक्तियों के बाद पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की किताब का जिक्र किया, जिसमें डोकलाम और चीन से जुड़े कथित घटनाक्रम का उल्लेख था।
राहुल गांधी ने जैसे ही उस अंश को कोट करना शुरू किया, सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया। उन्होंने कहा,
“आप ध्यान से सुनिए कि मैं क्या पढ़ रहा हूं, इससे पता चल जाएगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं। 4 चीनी टैंक डोकलाम में भारत की जमीन पर आ रहे थे, वे सिर्फ 100 मीटर दूर थे।”
राजनाथ सिंह और स्पीकर ओम बिरला ने जताई आपत्ति
राहुल गांधी के बयान पर सबसे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खड़े हुए और आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अगर यह बातें प्रकाशित हैं तो ही उनका जिक्र किया जाए, अन्यथा छोड़ दिया जाए।
इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी से किताब को सदन के पटल पर रखने को कहा और प्रमाणिकता पर जोर दिया। जनरल मनोज मुकुंद नरवणे 2019 से 2022 तक भारतीय सेना के प्रमुख (Chief of Army Staff) रहे हैं।
किताब प्रकाशित नहीं होने पर विवाद
राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस किताब का राहुल गांधी जिक्र कर रहे हैं, वह अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है।
इस पर राहुल गांधी ने जवाब दिया कि वह किताब नहीं, बल्कि एक मैगजीन में छपे आर्टिकल को कोट कर रहे हैं।
अमित शाह बोले- मैगजीन कुछ भी लिख सकती है
गृह मंत्री अमित शाह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह किसी मैगजीन की रिपोर्ट है और नरवणे ने ऐसा कुछ नहीं कहा है।
उन्होंने कहा, “मैगजीन तो कुछ भी लिख सकती है। जो किताब पब्लिश ही नहीं हुई, उसका जिक्र सदन में नहीं हो सकता।”
स्पीकर ने माइक बंद कराया, सदन स्थगित
लगातार हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल गांधी का माइक बंद कराने का निर्देश दिया और सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक स्थगित कर दी गई।
करीब 46 मिनट तक लोकसभा में हंगामा चलता रहा।
अखिलेश यादव ने किया समर्थन
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि चीन से जुड़ा मुद्दा संवेदनशील है और अगर देश की सुरक्षा से जुड़ी बात है, तो राहुल गांधी को बोलने दिया जाना चाहिए।
किरेन रिजिजू का बयान
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सदन नियमों से चलता है और अध्यक्ष रूलिंग दे चुके हैं। इसके बावजूद नियमों की अवहेलना नहीं होनी चाहिए।
राहुल गांधी का आरोप: मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार चीन से जुड़े मुद्दे पर चर्चा से डर रही है।
उन्होंने कहा,
“अगर ये नहीं डरे हुए हैं, तो मुझे बोलने दें। चीन-भारत संबंधों पर बोलना कौन सा नियम तोड़ता है?”
NDA और विपक्ष आमने-सामने
पूरे घटनाक्रम के दौरान एनडीए और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। सत्ता पक्ष ने इसे सदन को गुमराह करने की कोशिश बताया, जबकि विपक्ष ने इसे बोलने के अधिकार का हनन करार दिया।










