
Assam CM Himanta Biswa Sarma’s “Miya” remark sparks uproar, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के हालिया बयान के बाद राज्य में मतदाता सूची संशोधन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले दिया गया यह बयान अब सियासी मुद्दा बन चुका है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि जब असम में विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन होगा, तो कम से कम 4 लाख मिया (असम में बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द) के वोट मतदाता सूचियों से हटा दिए जाएंगे।
क्या है मतदाता सूची का विशेष संशोधन?
असम सहित कई राज्यों में मतदाता सूची की समीक्षा प्रक्रिया चल रही है, जिसका उद्देश्य मृत, स्थानांतरित या अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाना और पात्र नागरिकों के नाम जोड़ना है। हालांकि विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान वास्तविक नागरिकों को परेशान किया जा रहा है।
विपक्ष ने उठाए प्रक्रिया पर सवाल
असम में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि फॉर्म-7 का दुरुपयोग किया जा रहा है। यह एक कानूनी प्रावधान है जिसके तहत किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है या नाम हटाने की मांग की जा सकती है। विपक्ष का कहना है कि इस प्रावधान का उपयोग कर वास्तविक नागरिकों के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने आरोपों को किया खारिज
सीएम सरमा ने विपक्ष के आरोपों को नकारते हुए कहा कि इस प्रक्रिया से असमिया नागरिकों को कोई परेशानी नहीं हो रही है और यह कदम राज्य की पहचान और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में जनता तय करेगी कि राज्य को किस दिशा में आगे बढ़ाना है।
सीमा और अवैध प्रवासन भी बना मुद्दा
असम में बांग्लादेश से अवैध प्रवासन लंबे समय से एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमा पर कड़ी निगरानी रख रही है और जनसंख्या संतुलन को लेकर भी सतर्क है।









