
Jharkhand Congress’s discord reaches the party high command, झारखंड में कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रहा असंतोष अब पार्टी हाईकमान तक पहुंच गया है। राज्य के पांच नाराज़ कांग्रेस विधायकों ने सीधे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर सरकार में शामिल कांग्रेस मंत्रियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
विधायकों का आरोप है कि कांग्रेस के मंत्री न तो उनकी बातों को गंभीरता से लेते हैं और न ही जमीनी स्तर के कार्यों पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने मंत्रियों के रवैये की समीक्षा और सरकार के कामकाज में सुधार की मांग की है।
एक ही दिन बिहार और झारखंड में कांग्रेस की हलचल
शुक्रवार को बिहार कांग्रेस ने अपने राज्य के नेताओं और विधायकों के साथ मंथन बैठक की। इस दौरान उन खबरों को सिरे से खारिज किया गया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि पार्टी के छह नए विधायक कांग्रेस छोड़ सकते हैं।
उसी दिन झारखंड में भी राजनीतिक हलचल तेज रही, जहां पांच असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने दिल्ली में खरगे से मुलाकात कर मंत्री पदों और सरकार के कामकाज की समीक्षा की मांग रखी।
बिहार कांग्रेस की बैठक में राहुल गांधी भी मौजूद
मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई बिहार कांग्रेस की बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, AICC महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल, पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार, छह विधायक और कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
हाल के विधानसभा चुनावों में करीब 60 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद कांग्रेस बिहार में सिर्फ 6 सीटें जीत सकी थी, जिसके बाद पार्टी के भीतर मंथन की जरूरत महसूस की जा रही है।
पार्टी छोड़ने की अटकलों को कांग्रेस ने बताया अफवाह
AICC महासचिव के सी वेणुगोपाल ने विधायकों के पार्टी छोड़ने की खबरों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि कांग्रेस के सभी विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं, जबकि बैठक में सभी विधायक मौजूद थे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के खिलाफ फैलाई जा रही ऐसी खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। कुछ विधायकों के राज्य-स्तरीय बैठकों और मनरेगा जैसे मुद्दों पर चर्चा में शामिल न होने के कारण इन अटकलों को हवा मिली थी।
राहुल गांधी दिखे चिंतित, मीटिंग पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, करीब दो घंटे चली बैठक के दौरान राहुल गांधी चिंतित नजर आए। बताया जा रहा है कि यह बैठक पार्टी में एकता का संदेश देने के लिए बुलाई गई थी।
सूत्रों का यह भी कहना है कि राहुल गांधी ज्यादा सुनने के मूड में नहीं थे। इस बैठक में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। पहले उनका नाम आमंत्रित नेताओं की सूची में नहीं था, बाद में वे दोबारा खरगे के आवास पहुंचे।
निष्कर्ष: कांग्रेस के लिए बढ़ती चुनौती
झारखंड और बिहार में एक ही दिन सामने आई राजनीतिक गतिविधियों से साफ है कि कांग्रेस को अंदरूनी असंतोष और संगठनात्मक चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में हाईकमान इस असंतोष को कैसे संभालता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।









