
One Bodo killed in Assam’s Kokrajhar violence, असम के कोकराझार जिले में बोडो और आदिवासी समुदाय के बीच हुई हिंसक झड़प ने पूरे इलाके में तनाव फैला दिया है। इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई, कई लोग घायल हुए हैं, वाहनों में आग लगा दी गई, घर जलाए गए और हालात को काबू में करने के लिए सेना की तैनाती करनी पड़ी। प्रशासन ने एहतियातन मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी हैं।
कैसे शुरू हुई हिंसा?
पुलिस के अनुसार, विवाद की शुरुआत करिगांव के गौरी नगर–मशिंग रोड पर हुई। आदिवासी समुदाय के कुछ लोगों ने एक कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन कार चालक से नियंत्रण बिगड़ गया और दो आदिवासी युवक कार की चपेट में आ गए। कार सड़क से फिसल गई।
कार में सवार लोग बोडो समुदाय से थे—सिखना ज्वालाओ बिस्मित उर्फ राजा, प्रभात ब्रह्मा और जुबीराज ब्रह्मा। वे औडांग इलाके में एक साइट इंस्पेक्शन के बाद लौट रहे थे। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने तीनों को कार से बाहर निकालकर मारपीट शुरू कर दी।
एक की मौत, कई घायल
इस हिंसा में स्थानीय कॉन्ट्रैक्टर मोरंडा बसुमतारी के दामाद राजा की मौत हो गई। वहीं प्रभात ब्रह्मा और जुबीराज ब्रह्मा की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे में घायल हुए आदिवासी युवक सुनील मुर्मू और महेश मुर्मू का भी इलाज चल रहा है। सभी घायलों को कोकराझार मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
हिंसा ने लिया बड़ा रूप
घटना की खबर फैलते ही दोनों समुदायों के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। गुस्साई भीड़ ने पुलिस चौकी पर हमला किया, पुलिस और CRPF पर पथराव किया, टायर जलाए और नेशनल हाईवे-27 को घंटों जाम कर दिया। कई वाहनों और घरों को आग के हवाले कर दिया गया।
सेना और RAF तैनात, 19 गिरफ्तार
स्थिति बिगड़ते देख जिला प्रशासन ने सेना, CRPF और RAF की तैनाती की। पुलिस ने दंगे में शामिल होने के आरोप में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। कोकराझार के एसएसपी अक्षत गर्ग ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
इंटरनेट बंद, निषेधाज्ञा लागू
अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। साथ ही सभा, रैली, धरना, नारेबाजी और धारदार हथियार रखने पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
CM हिमंत बिस्वा सरमा की अपील
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि वे कोकराझार की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना और RAF की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों और सामाजिक संगठनों से शांति बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।
प्रशासन का बयान
असम पुलिस और जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि अफवाह फैलाने वालों और दंगा भड़काने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल करिगांव इलाके में हालात काबू में बताए जा रहे हैं, लेकिन सुरक्षा बल पूरी तरह अलर्ट पर हैं।









