
A soldier never retires says Defence Minister Rajnath Singh, रक्षा मंत्री श्री ने देश के पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी सैनिक के लिए रिटायरमेंट केवल एक शब्द होता है, असल मायने में कोई सैनिक कभी रिटायर नहीं होता। उन्होंने कहा कि वर्दी का रंग बदल सकता है, काम करने की जगह बदल सकती है, लेकिन सैनिक का अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण कभी समाप्त नहीं होता। आज जब भारत एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे समय में veterans का अनुभव, उनकी leadership और उनके values देश के लिए अमूल्य धरोहर हैं। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र सेना वेटरन्स डे ( Armed Forces Veterans Day) पर दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ में पूर्व सैनिकों को संबोधित कर रहे थे ।
देशभक्ति की भावना को और सशक्त करना आज की आवश्यकता
रक्षा मंत्री ने कहा कि veterans अपने अनुभवों के माध्यम से युवाओं, अग्निवीरों और युवा सैनिकों का मार्गदर्शन करें तथा जरूरत पड़ने पर आपात स्थितियों में civil administration के साथ मजबूती से खड़े रहें। उन्होंने कहा कि veterans की presence और guidance कठिन परिस्थितियों में युवाओं के लिए बड़ा सहारा बन सकती है। इसके साथ ही सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना, आपसी भाईचारे को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर देशभक्ति की भावना को और सशक्त करना आज की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो, skill development हो, disaster management हो, community leadership हो या innovation का रास्ता हो, हर जगह veterans की भागीदारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक और स्थायी प्रभाव छोड़ सकती है। उनका योगदान केवल आज के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के भारत की मजबूत नींव रखने का कार्य करेगा। इसी विश्वास के साथ रक्षा मंत्री ने veterans से आग्रह किया कि वे अपने अनुभव और ऊर्जा को निरंतर राष्ट्र सेवा में लगाते रहें।
युवाओं को veterans से सीखने की आवश्यकता
रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे समाज को और विशेष रूप से युवाओं को veterans से सीखने की आवश्यकता है। राष्ट्र की असली शक्ति उस social consciousness से झलकती है, जिसके साथ वह अपने सैनिकों और veterans को देखता है। समाज द्वारा veterans को दिया जाने वाला सम्मान एक बड़ी social capital है, जो पीढ़ियों को जोड़ता है और राष्ट्र की आत्मा को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि भारत में सैनिकों के प्रति सम्मान किसी आदेश या निर्देश से नहीं आया है, बल्कि यह हमारे संस्कारों का स्वाभाविक विस्तार है। देश के किसी भी कोने में जब कोई सैनिक दिखाई देता है, तो बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर व्यक्ति उनके प्रति सम्मान व्यक्त करता है। यह देखकर विशेष संतोष होता है कि हमारी युवा पीढ़ी इस भावना को पूरी गंभीरता और खुले दिल से आगे बढ़ा रही है। सैनिकों के साथ हमारा बंधन हृदय का है, विश्वास का है और साझा भविष्य के सपनों का है।
welfare को बढ़ावा दे रही सरकार
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार न केवल अपने veterans का सम्मान कर रही है, बल्कि उन सैनिकों को भी पूरा आदर दे रही है जिन्होंने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। इसी भावना से राष्ट्रीय समर स्मारक जैसे स्थल बनाए गए हैं, जो हर नागरिक को यह याद दिलाते हैं कि आज हम जिस शांति और स्वतंत्रता में जी रहे हैं, उसके पीछे अनगिनत बलिदान छिपे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय स्तर पर भी ऐसे स्मारकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जो veterans अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, सरकार उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। Housing schemes, loan facilities और अन्य welfare योजनाओं को veterans के अनुसार सरल और अनुकूल बनाया जा रहा है, ताकि उनकी रोज़मर्रा की ज़रूरतों को बिना किसी परेशानी के पूरा किया जा सके।
Ex-Servicemen Contributory Health Scheme
रक्षा मंत्री ने कहा कि सेना से रिटायरमेंट के बाद जीवन का एक नया अध्याय शुरू होता है और सरकार का प्रयास है कि यह अध्याय dignity और self-reliance से भरा हो। इसी उद्देश्य से veterans के rehabilitation और employment पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्हें नए skills सिखाए जा रहे हैं ताकि वे अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग कर सकें। Public sector enterprises में उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है और private sector में भी उनके discipline, leadership और integrity को पहचान मिल रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिसने अपना जीवन देश के नाम कर दिया, उसके स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। Ex-Servicemen Contributory Health Scheme को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि स्वास्थ्य सुविधाएं केवल शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों और दूरदराज़ क्षेत्रों तक भी पहुंचें। Telemedicine के माध्यम से दूर बैठे doctors से परामर्श की सुविधा भी बढ़ाई जा रही है।
One Rank One Pension सरकार ने पूरी ईमानदारी से लागू किया
उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही One Rank One Pension की मांग को सरकार ने पूरी ईमानदारी से लागू किया है। इससे veterans के जीवन में वित्तीय स्थिरता आई है और यह विश्वास भी मजबूत हुआ है कि देश उनके साथ न्याय करता है। रक्षा मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ‘ऑपरेशन पवन’ में भाग लेने वाले IPKF शांति सैनिकों के योगदान को पूरी तरह recognize कर रही है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2015 में श्रीलंका यात्रा के दौरान IPKF मेमोरियल पर श्रद्धांजलि अर्पित की थी और अब नई दिल्ली स्थित National War Memorial में भी उनके योगदान को सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज देशभर में veterans विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। कई veterans शिक्षा के क्षेत्र में, विशेष रूप से military schools में, युवा पीढ़ी को दिशा दे रहे हैं। कई कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं, जबकि अनेक veterans बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों में अपने अनुभव का उपयोग कर रहे हैं।
पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं veterans
अंत में रक्षा मंत्री ने कहा कि veterans केवल सेवा से रिटायर हुए सैनिक नहीं हैं, बल्कि वे हमारी राष्ट्रीय चेतना के जीवंत स्तंभ, सामूहिक साहस के प्रतीक और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। Veterans Day के अवसर पर उन्होंने वीरगति प्राप्त सैनिकों, राष्ट्र सेवा में लगे veterans और वर्तमान सैनिकों के प्रति कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से आभार व्यक्त किया।









