
National Volleyball Championship 2026, काशी के खेल इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। पहली बार वाराणसी में किसी राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। डॉक्टर संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, यूपी वॉलीबॉल एसोसिएशन के पदाधिकारी और खेल जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग स्टेडियम में मौजूद रहे। यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 11 जनवरी तक चलेगी।
देशभर से 58 टीमें ले रही हिस्सा
इस सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में देशभर से कुल 58 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें—58 टीमें भाग ले रही हैं जिनमें 30 पुरुष और28 महिला टीमें शामिल हैं। प्रतियोगिता में रेलवे के साथ-साथ थल सेना, जल सेना और वायु सेना की संयुक्त टीम भी भाग ले रही है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 1984 के बाद पहली बार इस स्तर की वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है।
‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ पीएम मोदी का संबोधन
उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ की। उन्होंने काशी के सांसद के रूप में सभी खिलाड़ियों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा—
“आज मुझे बेहद खुशी है कि काशी की धरती पर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ हो रहा है। देश के 28 राज्यों की टीमें यहां जुटी हैं, जो एक भारत–श्रेष्ठ भारत की सुंदर तस्वीर पेश करती हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी खेल प्रेमियों की धरती रही है, जहां कुश्ती, बॉक्सिंग, कबड्डी, नौकायन जैसे खेलों की समृद्ध परंपरा है। बीएचयू, यूपी कॉलेज और काशी विद्यापीठ जैसे संस्थानों ने देश को कई राष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं।
वॉलीबॉल सिर्फ खेल नहीं, टीम स्पिरिट का प्रतीक: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने वॉलीबॉल को जीवन और विकास से जोड़ते हुए कहा— “वॉलीबॉल सिर्फ एक खेल नहीं है। यह संतुलन, सहयोग और संकल्प का खेल है। इसमें हर खिलाड़ी का मंत्र होता है—टीम फर्स्ट। कोई भी जीत अकेले नहीं होती, जीत विश्वास, समन्वय और जिम्मेदारी से मिलती है।” उन्होंने वॉलीबॉल को भारत की विकास यात्रा से जोड़ते हुए कहा कि जैसे टीमवर्क से मैच जीता जाता है, वैसे ही इंडिया फर्स्ट की भावना से देश आगे बढ़ रहा है।
2014 के बाद खेलों में भारत की नई उड़ान
प्रधानमंत्री ने कहा कि— 2014 के बाद भारत का खेल प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है । खेलों के प्रति सरकार और समाज की सोच बदली है। स्पोर्ट्स बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है भारत का खेल मॉडल अब एथलीट-सेंट्रिक हो चुका है। उन्होंने नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट, खेलो भारत नीति 2025 और खेलो इंडिया अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से युवाओं को खेल और शिक्षा दोनों में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
2036 ओलंपिक की तैयारी, भारत बन रहा ग्लोबल स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन
पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने पिछले एक दशक में— फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप, शतरंज ओलंपियाड जैसे 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की सफल मेजबानी की है। उन्होंने कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी भारत मजबूती से तैयारी कर रहा है।
काशी को मिल रहा आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ
प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ कहा— काशी में आधुनिक स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बन रहे हैं। सिगरा स्टेडियम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हो चुका है। आसपास के जिलों के खिलाड़ियों को भी प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है ।उन्होंने कहा कि खेल आयोजनों से काशी की लोकल इकोनॉमी को भी मजबूती मिल रही है, जैसे— G20 बैठक, काशी तमिल संगमम, काशी तेलुगु संगमम, प्रवासी भारतीय सम्मेलन। अब इस सूची में नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप भी एक नया रत्न बनकर जुड़ गई है।
काशी का आतिथ्य, खेल और संस्कृति—सब साथ
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से काशी के अनुभव को यादगार बनाने की अपील करते हुए कहा— “बाबा विश्वनाथ के दर्शन कीजिए, गंगा में नौका विहार का आनंद लीजिए और बनारस की ठंड और मलइयों का स्वाद भी चखिए। काशी की धरती से हर स्पाइक, हर ब्लॉक को नई ऊंचाई दीजिए।”
निष्कर्ष
नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप न सिर्फ काशी के खेल इतिहास में मील का पत्थर है, बल्कि यह वाराणसी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।









