
Rahul lashed out at Modi in the CWC meeting calling it a one-man show,शनिवार को AICC मुख्यालय, इंदिरा भवन दिल्ली में आयोजित CWC की मीटिंग में मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलकर “VB G RAM G” किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को लेकर कांग्रेस ने तीखा विरोध जताया है । राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि मनरेगा का नाम बदलना वन मैन शो रहा है इसके लिए न तो राज्यों से सहमति ली गई है और न ही कैबिनेट से चर्चा की गई । यह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ है। सोनियां गांधी, और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी बैठक में मौजूद रही इस बैठक की खास बात यह रही कि लंबे समय से दूर रहे शशि थरूर अचानक भागते हुए बैठक में पहुंचे, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं और राजनीति के गलियारों में चर्चा बढ़ी।
मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं थी राइट बेस्ड कॉन्सेप्ट
राहुल गांधी ने कहा कि “मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं थी, यह एक राइट बेस्ड कॉन्सेप्ट था। इससे देश के करोड़ों लोगों को न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) सुनिश्चित होती थी। इसे बदलना सीधे गरीबों के अधिकारों पर हमला है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार यह पैसा राज्यों से लेकर केंद्र में केंद्रीकृत कर रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
पूरा सिस्टम बदला जा रहा है
राहुल गांधी ने आगे कहा कि यह पूरा सिस्टम इस प्रकार बदला जा रहा है कि लाभ केवल चुनिंदा 2-3 बड़े उद्योगपतियों को मिले, जबकि इसका सीधा नुकसान ग्रामीण क्षेत्रों और मजदूर वर्ग को उठाना पड़ेगा। उन्होंने इसे पावर और फाइनेंस के केंद्रीकरण की प्रक्रिया बताया और कहा कि यह फैसला सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से लिया गया है, जो लोकतांत्रिक संतुलन के लिए खतरा है।
कांग्रेस की देशव्यापी आंदोलन की तैयारी
CWC बैठक के केंद्र में मनरेगा का मुद्दा रहा। मनरेगा पर बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को समाप्त कर “विकसित भारत – जी राम जी अधिनियम” लागू करने का प्रस्ताव गरीबों पर क्रूर प्रहार है। “मनरेगा खत्म करना गरीबों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है। यह लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों पर गंभीर संकट है।” बैठक में निर्णय लिया गया कि 5 जनवरी से देशभर में ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ चलाया जाएगा।
“MGNREGA खत्म करना महात्मा गांधी का अपमान”: सोनिया गांधी
बैठक में मौजूद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा— “मनरेगा को समाप्त करना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सिद्धांतों और सर्वोदय के विचार का अपमान है। आज हमें पहले से ज्यादा एकजुट होकर अधिकारों की रक्षा करनी होगी। मोदी सरकार गरीबों के हितों के बजाय सिर्फ चंद बड़े पूंजीपतियों की चिंता करती है।” सोनिया ने पार्टी को आगामी चुनावों से पहले बूथ स्तर तक सक्रिय रहने के निर्देश दिए।
बिना तैयारी खत्म कर दी योजना
खरगे ने कहा कि मनरेगा UPA सरकार की दूरदर्शी योजना थी जिसे वैश्विक स्तर पर सराहा गया। उन्होंने आरोप लगाया—”सरकार ने बिना किसी अध्ययन, मूल्यांकन या राज्यों व राजनीतिक दलों से सलाह किए इस योजना को खत्म कर दिया।” खरगे ने कृषि कानूनों की तरह जन-विरोधी फैसलों में जनता की ताकत को याद दिलाते हुए कहा कि विरोध की एकजुटता इस बार भी जरूरी है।
SIR प्रक्रिया पर भी सवाल
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर भी गंभीर चिंता जताई गई। खरगे ने इसे लोकतांत्रिक अधिकार कम करने की साजिश बताया। उन्होंने कहा “दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक, कमजोर तबकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वोटरों के नाम न काटे जाएं और न उन्हें दूसरे बूथों में ट्रांसफर किया जाए।” खरगे ने ब्लॉक लेवल एजेंट्स (BLA) को घर-घर जाकर मतदाता सूची सत्यापित करने के निर्देश दिए और कहा कि 2027 चुनाव वाले राज्यों में अभी से तैयारी शुरू की जाए।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों की निंदा
खरगे ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि यह पूरे भारत के लिए चिंताजनक है। साथ ही उन्होंने कहा कि क्रिसमस के दौरान कई जगहों पर बीजेपी और RSS से जुड़े संगठनों द्वारा सौहार्द बिगाड़ने की घटनाओं से देश की छवि खराब हुई है। कांग्रेस ने धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
शशि थरूर की एंट्री ने खींचा ध्यान
बैठक में सबसे दिलचस्प दृश्य था जब शशि थरूर भागते हुए कांग्रेस मुख्यालय में दाखिल हुए, मुस्कुराकर मीडिया को अभिवादन किया। पिछली 2-3 बैठकों में वह नहीं आए थे । रामलीला मैदान की रैली में भी अनुपस्थित रहे । कुछ समय से पार्टी लाइन से हटकर भाषण भी देते रहे । उनका यह आगमन राजनीतिक संकेत भी माना जा रहा है कि वे पार्टी नेतृत्व के साथ फिर सक्रिय भूमिका में दिखाई दे सकते हैं। CWC की बैठक में केसी वेणुगोपाल, सीएम सुखविंदर सुक्खू, सीएम रेवंत रेड्डी, सलमान खुर्शीद, हरीश रावत, राजीव शुक्ला, अभिषेक मनु सिंघवी मौजूद रहे । कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को बैठक में शामिल नहीं हुए है ।









