
मिया समुदाय पर बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची जमीयत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मिया समुदाय को लेकर दिए गए बयानों ने सियासी और सामाजिक हलकों में विवाद खड़ा कर दिया है। इन बयानों पर कई मुस्लिम संगठनों ने नाराजगी जताई है। इसी क्रम में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मुख्यमंत्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। जमीयत का आरोप है कि सीएम के बयान घृणा आधारित, सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ और संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन करने वाले हैं।
जमीयत अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के जरिए दाखिल याचिका में मांग की गई है कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के लिए सख्त और लागू करने योग्य दिशानिर्देश तय किए जाएं, ताकि सार्वजनिक पदों का इस्तेमाल किसी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने में न हो।
याचिका में 27 जनवरी 2026 के उस बयान का जिक्र है, जिसमें सीएम सरमा ने कथित तौर पर चार से पांच लाख मिया वोटरों को वोटर लिस्ट से बाहर करने और मिया समुदाय के खिलाफ सीधे खड़े होने की बात कही थी। जमीयत का कहना है कि “मिया” शब्द असम में मुसलमानों के लिए अपमानजनक रूप में इस्तेमाल होता है और ऐसे बयान पूरे समुदाय को निशाना बनाते हैं।
जमीयत ने स्पष्ट किया कि ऐसे बयान अभिव्यक्ति की आजादी के दायरे में नहीं आते और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाते हैं। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि संविधान और कानून से ऊपर कोई नहीं होना चाहिए। यह याचिका पहले से लंबित हेट स्पीच से जुड़ी रिट पिटीशन के साथ संलग्न की गई है, जिसे जमीयत देश में सांप्रदायिक सौहार्द की रक्षा के लिए अहम मान रही है।
केंद्रीय बजट 2026-27 पर सीएम रेखा गुप्ता: दिल्ली के लिए अवसरों का बजट
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय बजट 2026-27 को विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश यह बजट देश के हर वर्ग को भरोसा देता है और दिल्ली जैसे महानगर के लिए नए विकास अवसर खोलता है। मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताते हुए बजट को दूरदर्शी, संतुलित और जन-केंद्रित बताया।
रेखा गुप्ता ने कहा कि बजट की मूल भावना आर्थिक गति को तेज करने, नागरिकों की क्षमताओं को बढ़ाने और “सबका साथ, सबका विकास” को जमीन पर उतारने की है। पूंजीगत खर्च को 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने से निर्माण गतिविधियों और रोजगार सृजन को गति मिलेगी, जिसका लाभ दिल्ली को भी होगा।
महिलाओं और युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार पर विशेष फोकस किया गया है। एवीजीसी और ऑरेंज इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब्स की योजना दिल्ली के युवाओं के लिए नई संभावनाएं खोलेगी।
दिल्ली को 1,348 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता, दिल्ली पुलिस के लिए 12,503 करोड़ रुपये और SASCI योजना में बढ़ोतरी से इंफ्रास्ट्रक्चर, पानी, परिवहन और सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। साथ ही हाई-स्पीड रेल, MSME सपोर्ट और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों से निवेश, व्यापार और रोजगार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
——————————————————————–
योगी सरकार के दो मंत्री आमने सामने
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासत गरमाने लगी है। बीजेपी और सहयोगी दलों की तैयारियों के बीच योगी सरकार के दो कैबिनेट मंत्री—ओमप्रकाश राजभर और अनिल राजभर—आपस में आमने-सामने आ गए हैं। मामला सीधे राजभर वोट बैंक और सियासी कद से जुड़ा बताया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि दोनों नेता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट का हिस्सा हैं।
वाराणसी पहुंचे सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने अनिल राजभर को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह उन पर “वोट बेचने” का आरोप लगा रहे हैं तो बताएं कि वोट किस दुकान पर बिकते हैं। उन्होंने तीखे शब्दों में अनिल राजभर पर लोहे की चोरी और घटतौली का आरोप भी लगाया और कहा कि जब वह राजभर समाज के हक की लड़ाई लड़ रहे थे, तब अनिल राजभर दुकान चला रहे थे।
इसके जवाब में अनिल राजभर ने पलटवार करते हुए कहा कि मां को बीच में लाना गलत है। उन्होंने अपने परिवार पर लगे आरोपों को खारिज किया और कहा कि उनके पिता सेना में थे और युद्ध में पदक पा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि व्यवसाय करना कोई अपराध नहीं है। अनिल राजभर ने ओपी राजभर के पुराने ऑटो चलाने के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया था, लेकिन ओपी राजभर ने खुद पर ले लिया।
——————————————————————–
सोनम वांगचुक को NSA हिरासत पर केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में बचाव
केंद्र सरकार ने सोमवार (2 फरवरी) को सुप्रीम कोर्ट में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेने का जोरदार बचाव किया। सरकार ने कहा कि वांगचुक के सार्वजनिक भाषण उकसावे, अलगाववादी संदेश और विशेष रूप से संवेदनशील सीमा क्षेत्र लद्दाख में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं।
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना वराले की पीठ वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हिरासत को चुनौती दी गई है। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि वांगचुक युवाओं को लद्दाख को नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी स्थिति की ओर ले जाने के लिए भड़काते रहे हैं और जनमत संग्रह व रेफरेंडम की मांग कर “जहर फैलाने” की कोशिश की गई।
मेहता ने कहा कि अदालत को यह नहीं देखना है कि वह आदेश से सहमत है या नहीं, बल्कि यह जांचना है कि जिला मजिस्ट्रेट की संतुष्टि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी थी या नहीं। उनके मुताबिक डीएम ने निष्कर्ष निकाला कि वांगचुक के भाषण युवाओं को भड़काने वाले हैं और सार्वजनिक शांति को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने बताया कि हिरासत का आदेश उचित प्रक्रिया से पारित हुआ और वांगचुक ने वीडियो क्लिप की प्रामाणिकता स्वीकार की।
सरकार ने यह भी कहा कि “हम” और “वे” जैसे शब्दों का इस्तेमाल NSA के तहत कार्रवाई के लिए पर्याप्त संकेत है। वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग से जुड़े हिंसक प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सुनवाई जारी रहेगी।
——————————————————————–
नरवणे की किताब पर संसद में बवाल
पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अभी तक प्रकाशित न हुई किताब को लेकर संसद में सियासी घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि RSS-BJP की राजनीति तथ्यों को छिपाने पर आधारित है, इसी वजह से सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर संसद में जवाब देने से बच रही है।
खरगे ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश की सुरक्षा से जुड़ा अहम सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि पूर्व सेनाध्यक्ष की किताब में ऐसा क्या लिखा है, जिससे सरकार घबराई हुई है और उसके प्रकाशन को रोका जा रहा है। खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा का राष्ट्रवाद खोखला है।
उन्होंने 2020 के गलवान संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि 20 जवानों के बलिदान के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी ने चीन को क्लीन चिट दी। क्या संसद में इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति पर देश को भरोसे में लिया गया? लोकसभा में राहुल गांधी के किताब का जिक्र करने पर भारी हंगामा हुआ और कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। राहुल ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा से डर रही है, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जो किताब प्रकाशित ही नहीं हुई, उस पर चर्चा कैसे हो सकती है।
शब-ए-बारात पर पटाखों को लेकर हाईकोर्ट सख्त
देशभर में बुधवार (3 फरवरी) को शब-ए-बारात मनाई जाएगी। इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने अवैध और पर्यावरण के लिए खतरनाक पटाखों पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि त्योहार के दौरान कानूनन प्रतिबंधित पटाखों के इस्तेमाल की किसी भी हालत में अनुमति न दी जाए।
मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पटाखे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। साथ ही पुलिस को आदेश दिया गया है कि याचिकाकर्ता और उनके परिवार को शब-ए-बारात के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
याचिकाकर्ता ने अवैध पटाखों से होने वाली शारीरिक और मानसिक परेशानी का हवाला देते हुए कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की थी। कोर्ट ने पुलिस और PCB को निर्देश दिया है कि वे की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई में पेश करें, जिसकी तारीख अप्रैल तय की गई है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने शब-ए-बारात के मौके पर 3 फरवरी को राज्य में अवकाश घोषित किया है।
——————————————————————–
बाराबंकी में किसान नेता की हत्या
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भारतीय किसान यूनियन (अवध गुट) की जिला अध्यक्ष सुनीता कश्यप की अज्ञात बदमाशों ने बेरहमी से हत्या कर दी। महिला का खून से सना शव नगर कोतवाली क्षेत्र के खजूर गांव के पास एक प्लाटिंग में मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
सोमवार सुबह करीब नौ बजे गांव के दो किशोर शौच के लिए निकले थे, तभी उन्होंने महिला का शव पड़ा देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस को मृतका के माथे पर गंभीर चोट के निशान मिले और पास में खून से सनी ईंट पड़ी मिली, जिससे ईंट से सिर कुचलकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। महिला का मंगलसूत्र भी शरीर के पास बिखरा मिला।
जांच में मृतका की पहचान भाकियू (अवध गुट) की जिला अध्यक्ष सुनीता कश्यप के रूप में हुई। हत्या की खबर मिलते ही किसान संगठन में आक्रोश फैल गया। मृतका के भाई राजकुमार ने शव की शिनाख्त की। उन्होंने बताया कि सुनीता (43) कुछ वर्षों से लखनऊ के चिनहट में अकेले रह रही थीं, जबकि उनके पति और बच्चे ऋषिकेश में रहते हैं। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
——————————————————————–
अवैध कब्जे पर सख्त योगी, जनता दर्शन में दिए निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को साफ कहा कि किसी की संपत्ति पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की।
लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक कर फरियादियों से मुलाकात की और उनके प्रार्थना पत्र लेकर त्वरित व उचित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों, राजस्व विभाग और पुलिस अधिकारियों से कहा कि सभी शिकायतों को गंभीरता से लें और जांच के बाद दोषियों पर कठोर कार्रवाई करें।
जनता दर्शन में अवैध कब्जे से जुड़े कई मामले सामने आए, जिन पर मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। एक महिला ने बच्चे के इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगी, जिस पर योगी ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराने को कहा और स्पष्ट किया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा।
कार्यक्रम में आई एक बच्ची ने मुख्यमंत्री को सलाम किया और कविता सुनाई, जिस पर योगी ने उसकी सराहना की और पढ़ाई पर ध्यान देने का आशीर्वाद दिया। चार वर्षीय अनाबिया अली को स्कूल में दाखिला दिलाने का भी आश्वासन दिया गया।
——————————————————————–
भारत–अमेरिका ट्रेड डील: बड़ी खुशखबरी, समझौता अंतिम चरण में
भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय ट्रेड डील अब लगभग तय मानी जा रही है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच एक छोटी लेकिन अहम व्यापारिक डील अंतिम चरण में है, हालांकि व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) में अभी थोड़ा समय लगेगा।
सरकार का फोकस फिलहाल उन मुद्दों पर है, जिन पर सहमति बन चुकी है। अमेरिका जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ पूर्ण FTA में समय लगना स्वाभाविक है। इस डील में सबसे बड़ा मुद्दा टैरिफ (आयात शुल्क) को लेकर है, खासकर वस्तुओं (Goods) के व्यापार में। भारत चाहता है कि समझौता संतुलित व्यापार के सिद्धांत पर हो, ताकि दोनों देशों को बराबर फायदा मिले।
इस डील से निर्यातकों के लिए अच्छे दिन आने की उम्मीद है। भारत ने चालू वित्त वर्ष में 850 अरब डॉलर से ज्यादा निर्यात का लक्ष्य रखा है। बड़ी राहत की बात यह है कि अमेरिका ने भारत के 200 से अधिक कृषि और खाद्य उत्पादों को बढ़े हुए शुल्क से छूट दी है। इससे चाय, कॉफी, मसाले, मेवे और प्रोसेस्ड फूड की अमेरिकी बाजार में मांग बढ़ेगी, जिसका सीधा फायदा किसानों और उत्पादकों को मिलेगा।
——————————————————————–
अमेरिका बॉर्डर पर भारतीयों की बढ़ती गिरफ्तारी
अमेरिका के कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) के ताज़ा आंकड़ों ने अवैध प्रवासन की गंभीर तस्वीर सामने रखी है। CBP के मुताबिक, साल 2025 में करीब 3.91 लाख लोगों ने अवैध तरीके से अमेरिका में घुसने की कोशिश की। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की थी, जो काम की तलाश में ‘अमेरिकन ड्रीम’ पूरा करने पहुंचे, लेकिन बॉर्डर पर ही गिरफ्तार कर लिए गए।
चौंकाने वाली बात यह है कि जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच 23,830 भारतीय अमेरिका-मैक्सिको बॉर्डर पर अवैध रूप से दाखिल होते पकड़े गए। यानी औसतन हर 20 मिनट में एक भारतीय अरेस्ट हुआ। ये सभी लोग खतरनाक डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।
डंकी रूट उन अवैध रास्तों को कहा जाता है, जिनमें एजेंटों के जरिए पहले वीजा ऑन अराइवल वाले देशों, फिर लैटिन अमेरिका और अंत में मैक्सिको या कनाडा के रास्ते अमेरिका पहुंचाया जाता है। यह सफर बेहद जोखिम भरा होता है और कई लोग रास्ते में जान गंवा देते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में नौकरी पाने के लिए H-1B, L-1, O-1 जैसे लीगल वीजा या अनस्किल वर्कर्स के लिए EB-3 वीजा कहीं ज्यादा सुरक्षित और कानूनी विकल्प हैं। डंकी रूट की तुलना में ये रास्ते मुश्किल जरूर हैं, लेकिन जानलेवा नहीं।
——————————————————————–
चुनाव से पहले बांग्लादेश की सियासत गरम
बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल तेज़ी से गर्माता जा रहा है। बीएनपी के महासचिव मिर्जा फख्रुल इस्लाम आलमगिर ने जमात-ए-इस्लामी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जमात के अमीर के उस बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें महिलाओं के कार्यस्थल पर केवल पांच घंटे काम करने की बात कही गई थी। फख्रुल ने इसे महिलाओं के अधिकारों और देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला बताया।
ठाकुरगांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए फख्रुल ने कहा कि जमात की सोच बांग्लादेश को आधुनिकता से दूर ले जाकर “दूसरा अफगानिस्तान” बना सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर गारमेंट सेक्टर की लाखों महिलाएं काम छोड़ देंगी, तो उनका और उनके परिवारों का गुज़ारा कैसे होगा। बीएनपी नेता ने जमात पर अल्पसंख्यकों को डराने और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। फख्रुल ने जनता से अपील की कि वे कट्टर ताकतों को नकारें और लोकतंत्र, महिलाओं व अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों।
——————————————————————–
ईरान-यूएस संकेतों से कच्चा तेल धड़ाम
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेतों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद बाजारों ने राहत की सांस ली, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान वॉशिंगटन के साथ बातचीत कर रहा है। इससे एक OPEC सदस्य से जुड़े संभावित संघर्ष की आशंका कमजोर पड़ गई।
ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी WTI क्रूड कई महीनों की ऊंचाई से फिसल गए। ब्रेंट क्रूड 65.94 डॉलर प्रति बैरल और WTI 61.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इस गिरावट की एक वजह मजबूत अमेरिकी डॉलर भी है, जिससे डॉलर में खरीदा जाने वाला तेल अन्य देशों के लिए महंगा हो गया।
इसके अलावा OPEC+ द्वारा उत्पादन में कोई कटौती न करने के फैसले से बाजार में पर्याप्त आपूर्ति की चिंता बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमेरिका-ईरान वार्ता आगे बढ़ती है और मांग कमजोर रहती है, तो तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। भारत के लिए यह गिरावट कुछ राहत लेकर आई है, हालांकि डॉलर की मजबूती नुकसान भी पहुंचा सकती है।
——————————————————————–
60 की उम्र में हथियारबंद विद्रोह
बलूचिस्तान में सक्रिय बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सेना की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। इस संघर्ष में महिला फिदायीनों की भूमिका तेजी से उभर रही है। इन्हीं में एक नाम है हातम नाज सुमनाली का, जो 60 वर्ष की उम्र में हथियार उठाने के कारण चर्चा में हैं। वह बीएलए की मजीद ब्रिगेड की महिला फिदायीन हैं और संगठन की पोस्टर वुमन मानी जाती हैं।
बीएलए से जुड़ी जानकारी के अनुसार, हातम नाज सुमनाली 2015 में संगठन में शामिल हुईं और जनवरी 2023 में फिदायीन बनीं। उनका कोड नाम गुल बीबी है। वह बलूचिस्तान के बोलन इलाके की रहने वाली हैं और विद्रोह में शामिल होने के बाद घर-बार छोड़ चुकी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 में एक सैन्य ऑपरेशन के दौरान वह घायल हुईं और बाद में चार महीने तक लापता रहीं। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ कई अभियानों में हिस्सा लिया। उनसे प्रेरित होकर बलूचिस्तान में कई महिलाएं विद्रोही संगठनों से जुड़ रही हैं।
“सबका विकास” पर दिग्विजय के सवाल
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने संसद में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “सबका साथ, सबका विकास” की बात करते हैं, जिसे अब “सबका प्रयास और सबका विश्वास” कहा जा रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या इसमें अल्पसंख्यक, दलित और आदिवासी वास्तव में शामिल हैं। दिग्विजय सिंह के मुताबिक, सरकार की नीतियां अक्सर इन वर्गों को नकारती नजर आती हैं।
उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी समस्याएं सामाजिक समरसता का बिगड़ना और आर्थिक असमानता का बढ़ना हैं। सरकार हेट स्पीच के खिलाफ होने का दावा करती है, लेकिन असम के मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए बयानों पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने सरकार को किसान, गरीब और मजदूर विरोधी बताया।
दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि लोकतंत्र खतरे में है क्योंकि चरमपंथी ताकतें हिंदू-मुसलमानों को भड़का रही हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। इसके अलावा उन्होंने UGC नियमों में झूठी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।
——————————————————————–
गाय के बहाने बुलाकर जबरन शादी!
बिहार के खगड़िया जिले से पकड़ौआ शादी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। डुमरिया खुर्द गांव निवासी युवक मन्नयम कुमार का आरोप है कि उसे गाय दिखाने के बहाने बुलाकर साजिश के तहत अगवा किया गया और हथियार के बल पर जबरन शादी करा दी गई। पीड़ित ने परबत्ता थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
युवक के मुताबिक, गांव के ही कमल कुमार राय उसे कन्हैयाचक गांव ले गए, फिर अलग-अलग जगह घुमाते हुए सिराजपुर पहुंचाया। वहां मोबाइल चार्ज कराने के बहाने उसका फोन ले लिया गया। लौटने की बात करने पर 3–4 लोगों ने उसे पकड़ लिया, धमकाया और विरोध करने पर मारपीट की। देर रात कुंदन कुमारी से उसकी जबरन शादी करा दी गई।
परिजनों की सूचना पर पुलिस ने युवक को मुक्त कराया। वहीं लड़की पक्ष ने आरोपों को खारिज करते हुए शादी को आपसी सहमति बताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
——————————————————————–
धामी ने बजट की सराहना की
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को विकासोन्मुखी और समावेशी बताते हुए सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह बजट देश और राज्यों के आर्थिक विकास को नई दिशा देने के साथ ही सभी वर्गों के लिए अवसर बढ़ाने वाला है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को किसानों, महिलाओं, युवाओं, वंचितों, छोटे उद्यमियों और पिछड़े वर्गों पर विशेष ध्यान देने के लिए बधाई दी।
धामी ने बताया कि बजट में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, उद्योग और अवसंरचना के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जो उत्तराखंड के युवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि बजट सबका साथ, सबका विकास और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। राज्य सरकार केंद्रीय योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह बजट उत्तराखंड सहित पूरे देश के लिए समान अवसर और दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करेगा।
——————————————————————–
राजस्थान को रेल बजट में 10,228 करोड़ की सौगात
रेल बजट 2026-27 में राजस्थान को बड़ी सौगात मिली है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस बार राज्य के लिए 10,228 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है, जो कांग्रेस शासन के दौरान मिलने वाली राशि से लगभग 15 गुना अधिक है। राजस्थान में फिलहाल करीब 56 हजार करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
राजस्थान में रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन का काम अब अंतिम चरण में है। इसके पूरा होते ही नए प्रोजेक्ट और ट्रेनों की शुरुआत होगी। जोधपुर और बीकानेर से वंदे भारत एक्सप्रेस पहले ही शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा जैसलमेर से स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस भी संचालन में है।
रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास भी तेजी से चल रहा है। जैसलमेर स्टेशन का रिडेवलपमेंट एक महीने में पूरा होगा और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। जयपुर और गांधीनगर स्टेशनों पर भी सेकंड एंट्री और कॉनकोर्स निर्माण अंतिम चरण में है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा और कनेक्टिविटी मिलेगी।
——————————————————————–
शिवराज ने जड़ेजा के साथ खेल महोत्सव में लगाई छक्का
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को रायसेन पहुंचे और सांसद खेल महोत्सव में हिस्सा लिया। रायसेन उनकी संसदीय सीट विदिशा के अंतर्गत आता है। इस दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जड़ेजा भी मौजूद थे और उन्होंने बॉलिंग की, जिस पर शिवराज सिंह चौहान ने जोरदार शॉट लगाया।
रवींद्र जड़ेजा ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव में इतनी बड़ी भीड़ देखकर ऐसा लग रहा है जैसे किसी इंटरनेशनल मैच का अनुभव हो। उन्होंने लोगों का प्यार और उत्साह देखकर आभार जताया।
महोत्सव में करीब 900 पंचायतों ने हिस्सा लिया और पूरे 100 दिनों तक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इसे खेल महाकुंभ बताया।
इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने रोड शो भी किया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। स्टेडियम में भारी भीड़ मौजूद थी और सभी ने इस आयोजन का भरपूर आनंद लिया।
——————————————————————–
अंबाला नगर परिषद ने गोबर से बनाए जैविक गमले
हरियाणा के अंबाला में नगर परिषद शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए नई पहल कर रही है। शहर की सड़कों पर जमा गोबर न केवल सफाई की समस्या बन गया था, बल्कि इसके निस्तारण में भी कठिनाई थी। इस समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद ने गोबर से जैविक गमले बनाने की योजना शुरू की है।
इन गमलों में पौधे नर्सरी में उगाए जा सकते हैं और बड़े होने पर सीधे जमीन में लगाया जा सकता है, जिससे पॉलिथीन कचरे की समस्या भी कम होगी। नगर परिषद के स्वच्छ भारत मिशन की कोऑर्डिनेटर रितु शर्मा ने बताया कि पहले गोबर से लकड़ी बनाई जाती थी, लेकिन बिक्री में कठिनाई के कारण अब गमले तैयार किए जा रहे हैं।
नगर परिषद इन गमलों का उपयोग पार्कों और जीटी रोड किनारे कर रही है। पशुपालकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक गोबर उपलब्ध कराएं, ताकि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता दोनों को बढ़ावा मिल सके।
——————————————————————–
बिहार विधानसभा में नीतीश-तेजस्वी का पलभर का हंसता मिज़ाज
बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के संयुक्त अधिवेशन में सोमवार को दिलचस्प दृश्य देखने को मिला। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान अपने अभिभाषण के दौरान बिहार में विकास और विधि व्यवस्था पर जोर दे रहे थे। सत्ता पक्ष की सबसे अंगली पंक्ति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी बैठे थे, वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और अन्य राजद विधायक बगल की बेंच पर मौजूद थे।
राज्यपाल के विकास कार्यों का जिक्र करते ही तेजस्वी यादव हंस पड़े और नीतीश कुमार की नजरें उनसे मिलीं, दोनों ने मुस्कुराते हुए एक-दूसरे की ओर हाथ के इशारे से बात की। तेजस्वी के बगल में बैठे अब्दुल बारी सिद्दीकी भी मुस्कुराते दिखे। यह छोटा सा हंसता-मुस्कुराता पल विधायकों और विधानसभा की गंभीर चर्चा के बीच लोगों का ध्यान खींच गया। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव से उनकी पैरों की तकलीफ के बारे में पूछताछ की।










