
तारिक रहमान आज लेंगे बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री पद की शपथ
तारिक रहमान मंगलवार 17 फरवरी 2026 को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने 297 में से 209 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। शपथ ग्रहण समारोह अब पहली बार राष्ट्रपति के आवास की जगह संसद के साउथ प्लाजा में होगा।
इस समारोह में नरेंद्र मोदी उपस्थित नहीं होंगे, लेकिन भारत का नेतृत्व लोकसभा स्पीकर करेंगे। BNP के संसदीय दल की बैठक में तारिक रहमान को पार्टी का नेता चुना गया। शपथ ग्रहण के बाद रहमान ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर अच्छे संबंध बनाए रखने के संकेत दिए। बीएनपी ने भारत के साथ मजबूत और स्थायी रिश्ते बनाए रखने की बात कही है। पार्टी के सेक्रेटरी जनरल मिर्जा फखरुल इस्लाम ने कहा कि शेख हसीना का भारत में रहना व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों में बाधा नहीं बनेगा, और BNP दोनों देशों के बीच बेहतर रिश्ते चाहती है।
तारिक रहमान की शपथ से पहले मोहम्मद यूनुस का भारत पर निशाना
मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार पद से इस्तीफे से पहले अपने विदाई भाषण में बिना नाम लिए भारत पर निशाना साधा। उन्होंने पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों को “सेवन सिस्टर्स” बताते हुए बांग्लादेश को इस क्षेत्र के लिए हिंद महासागर तक पहुंच का प्रमुख माध्यम बताया। उनके बयान में चीन के प्रति झुकाव भी देखा गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश अब स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने में सक्षम है और अपने हितों के आधार पर वैश्विक संबंध बनाएगा।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्तापलट को “मुक्ति का दिन” बताते हुए नई सरकार को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी बनाए रखने की सलाह दी। साथ ही बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, वैश्विक व्यापार बढ़ाने और रोहिंग्या संकट को राष्ट्रीय सुरक्षा व अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया। पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा—को सामूहिक रूप से “सेवन सिस्टर्स” कहा जाता है।
दुनिया का सबसे ताकतवर युद्धपोत पश्चिम एशिया रवाना
संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने सबसे शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford (CVN-78) को कैरेबियन सागर से पश्चिम एशिया भेजने का फैसला किया है। इस कदम को ईरान के साथ बढ़ते तनाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह परमाणु शक्ति से चलने वाला जहाज दुनिया का सबसे बड़ा और ताकतवर वॉरशिप माना जाता है। USS Gerald R. Ford का फुल-लोड डिस्प्लेसमेंट करीब 1 लाख टन है, जो इसकी ऑपरेशनल क्षमता और सैन्य ताकत को दर्शाता है। डिस्प्लेसमेंट से मतलब उस पानी के वजन से है, जिसे जहाज पूरी तरह लोड होने पर हटाता है, जिससे उसकी क्षमता और ताकत का अंदाजा लगाया जाता है।
334 मीटर लंबे इस युद्धपोत में लगभग 75 एयरक्राफ्ट और 4500 लोगों के रहने व मिशन संचालन की सुविधा है। दो A1B न्यूक्लियर रिएक्टर से संचालित यह जहाज बिना ईंधन भरे लंबे समय तक समुद्र में तैनात रह सकता है। इसमें F/A-18 सुपर हॉर्नेट, E/A-18G ग्रोलर और E-2D एडवांस्ड हॉकआई जैसे आधुनिक विमान तैनात रहते हैं। यूनाइटेड स्टेट्स नेवी के लिए यह युद्धपोत वैश्विक सैन्य शक्ति प्रदर्शन का प्रमुख साधन माना जाता है।
रूस–चीन–ईरान का संयुक्त नौसैनिक अभ्यास, जलडमरूमध्य में बढ़ी हलचल
रूस, चीन और ईरान की नौसेनाएं होर्मुज जलडमरूमध्य में संयुक्त सैन्य अभ्यास करने जा रही हैं। रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी निकोलाई पेत्रशेव ने बताया कि रूस के जंगी जहाज ‘Maritime Security Belt 2026’ अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए ईरान की ओर रवाना हो चुके हैं। ईरान की पहल पर शुरू इस तीन-तरफा नौसैनिक अभ्यास का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा मजबूत करना, समुद्री डकैती और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाना तथा संयुक्त बचाव अभियान चलाना है। यह अभ्यास 2019 से हर साल आयोजित किया जा रहा है। ड्रिल का मुख्य फोकस दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसमें तीनों देशों की नौसेनाएं तालमेल, सामरिक तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करेंगी। यह अभ्यास ऐसे समय हो रहा है, जब संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिका ने ईरान के आसपास अपने युद्धपोत तैनात किए हैं, जबकि ईरान रूस और चीन के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाकर अपनी शक्ति प्रदर्शन की कोशिश कर रहा है।
ईरान पर सख्त रुख: लिंडसे ग्राहम बोले– कुछ हफ्तों में बड़ा फैसला संभव
लिंडसे ग्राहम ने तेल अवीव में बड़ा बयान देते हुए कहा कि ईरान को लेकर अहम फैसला अब दूर नहीं है और कुछ हफ्तों में निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की सत्ता खत्म होनी चाहिए। डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले ग्राहम ने कहा कि ईरान के मुद्दे पर अमेरिका और इजराइल पूरी तरह एकमत हैं। उनके अनुसार इस समय दो विकल्प खुले हैं—कूटनीतिक समाधान या सैन्य कार्रवाई, जिस पर अमेरिका विचार कर रहा है।

दौरे के दौरान ग्राहम ने बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात कर क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान की गतिविधियों पर चर्चा की। उन्होंने दावा किया कि 1979 के बाद पहली बार ईरानी नेतृत्व कमजोर स्थिति में है और सत्ता परिवर्तन का जोखिम भी संभव है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच ओमान की मध्यस्थता में कूटनीतिक बातचीत जारी है।
भारत AI क्रांति की ओर: इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट में तकनीक के नए समाधान
भारत मंडपम में आयोजित इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने साफ कर दिया कि भारत अब तकनीक का उपभोक्ता नहीं बल्कि निर्माता बनकर उभर रहा है। इस सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए आम लोगों की जिंदगी आसान बनाने पर जोर दिया गया। भारतीय रेल ने ट्रेनों की सफाई निगरानी के लिए AI सिस्टम शुरू किया है, जिसे 100 ट्रेनों में लागू किया गया है। इसमें सफाई कर्मचारियों को टॉयलेट की ‘पहले और बाद’ की तस्वीर अपलोड करनी होगी, जिससे स्वच्छता सुनिश्चित होगी।
खेती के क्षेत्र में ‘साथी’ नाम का AI टूल किसानों को मिट्टी और जमीन के विश्लेषण के आधार पर बेहतर फसल चुनने में मदद करेगा। वहीं टाटा समूह ने ‘पुचू’ नामक AI डिवाइस पेश किया, जो कारखानों में गैस रिसाव या आग जैसी दुर्घटनाओं का तुरंत पता लगाएगा। OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भारत की AI क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि देश वैश्विक AI रेस में नेतृत्व कर सकता है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर संग्राम, पंजाब में कांग्रेस की बड़ी रैली की तैयारी
भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील को लेकर देश में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। सत्तापक्ष इसे भारत के लिए लाभकारी बता रहा है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लगातार इसका विरोध कर रही है और संसद से लेकर सड़क तक आंदोलन की तैयारी कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने बताया कि पंजाब में इस मुद्दे पर बड़ी रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें राहुल गांधी भी शामिल होंगे। यह रैली 28 फरवरी या 1 मार्च को होने की संभावना है। बघेल ने कहा कि ट्रेड डील के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत पंजाब से होगी और कांग्रेस किसानों से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बहस की चुनौती पर बघेल ने कहा कि कांग्रेस चर्चा के लिए तैयार है। वहीं राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर किसानों के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया है। इस बीच पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने बताया कि पार्टी राज्य में संगठन मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी काम कर रही है।
भूपेन बोरा के इस्तीफे पर सस्पेंस, बीजेपी में शामिल होने की अटकलें
असम में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। भूपेन बोरा ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा देकर राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया, हालांकि बाद में उन्होंने फैसले पर पुनर्विचार के लिए समय मांगा। हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया कि बोरा ने इस्तीफा वापस नहीं लिया है और उनसे मुलाकात तय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बोरा भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
वहीं कांग्रेस नेतृत्व ने हस्तक्षेप करते हुए बोरा को मनाने की कोशिश की। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने उनसे बातचीत की। प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह और अन्य नेताओं ने भी उनके घर जाकर चर्चा की। करीब 32 साल से कांग्रेस से जुड़े बोरा ने कहा कि अंतिम निर्णय से पहले वह परिवार और सहयोगियों से सलाह लेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री के घर आने की बात को सम्मान बताया, जबकि बीजेपी ने उनके लिए पार्टी के दरवाजे खुले होने की बात कही है।
साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
सुप्रीम कोर्ट ने साइबर घोटालों को लेकर सरकार को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ऑनलाइन ठगी के शिकार कमजोर लोगों, खासकर बुजुर्गों को जागरूक करने, सुरक्षा देने और मुआवजा देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने यह टिप्पणी साइबर ठगी मामले में आरोपी परमजीत को जमानत देते समय की। पीठ ने कहा कि सरकार और पुलिस को टीवी और रेडियो के जरिए लोगों को बताना चाहिए कि साइबर अपराधी किस तरह काम करते हैं, क्योंकि वे अक्सर बुजुर्गों को निशाना बनाते हैं। अदालत ने कहा कि जनता को साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना जरूरी है। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस डी संजय ने बताया कि सरकार ने “संचार साथी” ऐप शुरू किया है, जिससे लोग साइबर अपराध, चोरी हुए मोबाइल या पहचान की रिपोर्ट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी बेहद चालाक होते हैं और वे खुद भी एक बार ठगी का शिकार होते-होते बचे थे। अदालत ने जोर दिया कि जागरूकता ही साइबर अपराध रोकने की सबसे बड़ी कुंजी है।
जनवरी में भारत का व्यापार घाटा बढ़ा, निर्यात और आयात में बड़ा अंतर
जनवरी 2026 में भारत का व्यापार घाटा 34.6 अरब डॉलर तक पहुँच गया, जो तीन महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसका मुख्य कारण सोने और चांदी के आयात में भारी वृद्धि रही, जिससे कुल आयात 19.1% बढ़कर 71.2 अरब डॉलर हो गया। सोने का आयात 4.5 गुना बढ़कर 12 अरब डॉलर और चांदी का 2.3 गुना बढ़कर 2 अरब डॉलर तक पहुंचा। दूसरी ओर, कुल निर्यात लगभग स्थिर रहा और 0.8% बढ़कर 36.6 अरब डॉलर रहा। रत्न-आभूषण और कपड़ा निर्यात में गिरावट आई, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा सेक्टर में हल्की वृद्धि हुई। अमेरिका को होने वाले निर्यात में 22% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि अमेरिका से आयात 23.7% बढ़कर 4.5 अरब डॉलर रहा, जिससे अमेरिका के साथ व्यापार घाटा घटकर 2.1 अरब डॉलर रह गया।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भ्रष्टाचार, वंदे मातरम् और एसआईआर में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यह सरकार विरोध स्वीकार नहीं करती और केवल अपनी ही बात करती है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि “विकसित भारत-जी राम जी योजना” का बजट कम कर दिया गया है और भाजपा शासन में बन रही पानी की टंकियां भ्रष्टाचार के कारण टूट रही हैं। एसआईआर के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि मुसलमानों, पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और गरीबों को फॉर्म-7 के जरिए नोटिस देकर उनके वोट कटवाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने दावा किया कि आज की युवा पीढ़ी सरकार की नीतियों को लेकर जागरूक है। उन्होंने वंदे मातरम् को लेकर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सहयोगियों ने आजादी से पहले और बाद में इसे नहीं गाया। साथ ही जेपीएनआईसी मामले में उन्होंने कहा कि इसे बनाने वाले व्यक्ति को भाजपा से बाहर किया जाए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार में लोकतंत्र खतरे में है, गरीबों और पिछड़ों पर अन्याय हो रहा है और विरोध की आवाज दबाई जा रही है।
कांग्रेस ने किया विधानसभा घेराव और प्रदर्शन, पुलिस से झड़प
जयपुर में मंगलवार (17 फरवरी) को कांग्रेस ने मनरेगा समेत कई मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की ओर कूच करने की कोशिश की, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया जब कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करने आगे बढ़े। विधानसभा के अंदर कांग्रेस विधायकों ने गौ से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा, जबकि बाहर सड़कों पर समर्थकों ने प्रदर्शन किया। इस विरोध का नेतृत्व कांग्रेस के खेल प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने किया, जिन्होंने मनरेगा योजना का नाम बदलने के प्रस्ताव और खिलाड़ियों के साथ कथित भेदभाव पर नाराजगी जताई। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए विधानसभा से पहले डबल बैरिकेडिंग की थी। बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश पर पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार की और हल्का बल प्रयोग किया। इस दौरान धक्का-मुक्की में कुछ कार्यकर्ताओं के घायल होने की भी खबर है। प्रदर्शन से पहले आयोजित सभा को प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने संबोधित किया। बाद में स्थिति नियंत्रण में आ गई।
ढाका पहुंचे ओम बिरला ने किया प्रतिनिधित्व
ढाका में मंगलवार को नई चुनी हुई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पहुंचे। तारिक रहमान ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता के रूप में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस समारोह में मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के निमंत्रण पर कई देशों के नेता शामिल हुए। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू भी ढाका पहुंचे, जहां उनका स्वागत हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर किया गया। भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि इस कार्यक्रम में भारत की भागीदारी दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। भारत ने तारिक रहमान के नेतृत्व में बनी नई सरकार का स्वागत किया। समारोह में कई विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न देशों के नेताओं को आमंत्रण भेजा गया था। नई सरकार की कैबिनेट में बीएनपी के 25 मंत्री शामिल होंगे, जिनमें मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, अमीर खसरू महमूद चौधरी और सलाहुद्दीन अहमद जैसे प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं।
युवा कांग्रेस का HPSC कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन
पंचकूला में मंगलवार (17 फरवरी) को हरियाणा युवा कांग्रेस ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व दीपेंद्र सिंह हुड्डा, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब और अंबाला के सांसद वरुण मुलाना ने किया। इसमें कई विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। सेक्टर-5 से HPSC कार्यालय की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की और जमकर नारेबाजी की, जबकि पुलिस ने दो लेयर की सुरक्षा व्यवस्था और पानी की बौछार से भीड़ को नियंत्रित किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ग्रुप A और B नौकरियों में बाहरी राज्यों के युवाओं का चयन किया जा रहा है, 35% न्यूनतम अंक नियम से सीटें खाली छोड़ी जा रही हैं और भर्ती प्रक्रियाएं वर्षों तक कोर्ट में फंसी रहती हैं। युवा कांग्रेस की प्रमुख मांगों में 35% न्यूनतम अंक नियम खत्म करना, भर्ती कैलेंडर जारी करना, CET क्वालिफाइड युवाओं को 9000 रुपये देना और खाली पदों को दोबारा भरना शामिल है।
हिमंत बिस्वा का दावा राहुल गांधी के फोन से बदली थी सीएम बनने की स्थिति
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि 2014 में सोनिया गांधी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तारीख तय करने को कहा था, क्योंकि उन्हें 58 विधायकों का समर्थन प्राप्त था। लेकिन इसी बीच राहुल गांधी का फोन आने के बाद पूरी स्थिति बदल गई और वह मुख्यमंत्री नहीं बन पाए। सरमा ने बताया कि 2011 विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस में असंतोष था और कई विधायक तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की जगह उन्हें समर्थन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बड़ा झटका था, जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने आगे कहा कि 2015 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें ज्यादा अवसर मिले और 2021 में वह मुख्यमंत्री बने। सरमा ने कहा कि भाजपा में रहते हुए उन्हें राज्य और सनातन धर्म की सेवा का अवसर मिला। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में वह इस पूरे घटनाक्रम पर किताब लिख सकते हैं, जिसमें इस प्रकरण का विस्तार से उल्लेख करेंगे।
जम्मू बाल सुधार केंद्र से फरार दो पाकिस्तानी नाबालिग पंजाब से गिरफ्तार
जम्मू के आरएस पुरा स्थित बाल सुधार केंद्र से फरार हुए दो पाकिस्तानी नाबालिगों को संयुक्त अभियान के दौरान पंजाब से गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों की पहचान मोहम्मद सनाउल्लाह और अहसान अनवर के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य नाबालिग अब भी फरार है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की ट्रांजिट रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। जानकारी के अनुसार, सोमवार (17 फरवरी) को तीन नाबालिग कैदी बाल सुधार गृह से पुलिसकर्मियों पर हमला कर फरार हो गए थे। इस घटना में दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे।
फरार आरोपियों में स्थानीय गैंगस्टर करनजीत सिंह उर्फ गुग्गू भी शामिल है, जो अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में छह एफआईआर दर्ज हैं और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया। टेक्निकल इनपुट और खुफिया जानकारी के आधार पर दोनों पाकिस्तानी नाबालिगों की लोकेशन पंजाब में ट्रैक कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
बिहार विधानसभा में ‘बेचारा’ टिप्पणी पर हंगामा
बिहार विधानसभा में दिवंगत नेता रामविलास पासवान को “बेचारा” कहे जाने पर जोरदार हंगामा हुआ। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक कुमार सर्वजीत के बयान से नाराज लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने सदन के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन किया और सार्वजनिक माफी की मांग उठाई। LJP (RV) ने तेजस्वी यादव से सदन में माफी मांगने की मांग की। हालांकि बाद में RJD विधायकों ने “रामविलास पासवान अमर रहें” के नारे लगाए, जिसके बाद मामला शांत हुआ। दरअसल, बोधगया से RJD विधायक कुमार सर्वजीत ने पिछले सप्ताह रामविलास पासवान की राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए उन्हें “बेचारा” कहा था और पटना में उनकी मूर्ति लगाने की मांग भी की थी। इस बयान से LJP विधायक भड़क गए। LJP (RV) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने इसे महान नेता का अपमान बताते हुए माफी की मांग की। वहीं कुमार सर्वजीत ने कहा कि वह पासवान को दलितों का मसीहा मानते हैं और मूर्ति लगाने की मांग से पीछे नहीं हटेंगे।
भारत में 8वां वेतन आयोग
केंद्र सरकार ने आठवां केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) 1 जनवरी 2026 से लागू कर दिया है, लेकिन एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स फिलहाल सातवें वेतन आयोग के ढांचे के तहत ही काम करते रहेंगे। नए वेतन ढांचे को अंतिम रूप देने और लागू होने में अभी समय लगेगा, क्योंकि आयोग को अपनी सिफारिशें देने में करीब 18 महीने लग सकते हैं। श्रम और रोजगार मंत्रालय के अनुसार औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर महंगाई भत्ता (DA) 5% बढ़कर 63% हो सकता है। इसकी घोषणा मार्च में हो सकती है और कर्मचारियों को अप्रैल के वेतन के साथ बढ़ा हुआ डीए तथा जनवरी 2026 से बकाया राशि मिलने की उम्मीद है। नई दिल्ली में कर्मचारी संगठनों की बैठक में वेतन संशोधन, न्यूनतम वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों पर चर्चा होगी। रेलवे, रक्षा, डाक और आयकर विभाग समेत कई क्षेत्रों के प्रतिनिधि अपने सुझाव आयोग को देंगे। सरकार ने 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की है, जहां कर्मचारी, पेंशनर्स और अन्य हितधारक वेतन, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े सुझाव दे सकते हैं।कर्मचारी संगठनों ने आयोग से 200 दिनों में रिपोर्ट पेश करने, केंद्र के नियमों को सभी केंद्र शासित प्रदेशों में लागू करने और वेतन व डीए में समान संशोधन की मांग की है। इन मांगों को प्रधानमंत्री कार्यालय को भी सौंपा गया है।










