
सीकर में जयपुर रोड स्थित अरबन हाट में आज से दो दिवसीय शेखावाटी उत्सव का आयोजन शुरू हो गया। उत्सव की शुरुआत हेरिटेज वॉक से हुई, जिसमें विभिन्न कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुति दी। देशी कलाकारों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ा दी।
हेरिटेज वॉक का मार्ग
हेरिटेज वॉक एसके स्कूल ग्राउंड से शुरू होकर बजरंग कांटा सर्किल होते हुए अरबन हाट पहुँची। उत्सव में जिलेभर के लोग शामिल हो रहे हैं। आज और कल इस आयोजन में खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी और योगा सेशन होंगे। दो दिवसीय उत्सव का समापन आतिशबाजी के साथ होगा।
प्रतियोगिताओं की झलक
पर्यटन विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर अन्नू शर्मा के निर्देशन में आज कई प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इसमें शामिल हैं:
कल की गतिविधियां और समापन
25 जनवरी को सुबह योगा सेशन होगा। इसके बाद आयोजनों में शामिल हैं:
- पंच गौरव प्रदर्शनी और हाट बाजार
- रस्साकसी, मटका दौड़, मेहंदी, रंगोली और चित्रकला
- वॉलीबाल मैच
शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक कलाकार चुग्गे खां मांगणियार प्रस्तुति देंगे। अंत में कार्यक्रम आतिशबाजी के साथ समाप्त होगा।
बच्चों की पेंटिंग प्रतियोगिता
आशा का झरना संस्थान के मानसिक रूप से विकलांग और मूक-बधिर बच्चे तिरंगे की खूबसूरत पेंटिंग बना रहे हैं। इस प्रतियोगिता में संस्थान के लगभग 12 बच्चे हिस्सा ले रहे हैं।
जाकिर खान का भपंग ग्रुप
जाकिर खान 20वीं पीढ़ी के कलाकार हैं। उनका परिवार पिछले कई सालों से भपंग वादन में लगा हुआ है। उनके वाद्य यंत्र लकड़ी के बने होते हैं और वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदर्शन कर चुके हैं।
देशी कलाकारों का प्रदर्शन
हेरिटेज वॉक के दौरान ऊंट-घोड़े और देशी कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी। रास्ते में दोनों ओर दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी।
लंबी मूंछ और विशाल पगड़ी
- कंवरलाल चौहान की 7 फीट लंबी मूंछ है, जिसे वे 2012 से नहीं कटवा रहे।
- श्याम सिंह ने सिर पर 380 मीटर लंबे कपड़े की पगड़ी बाँधी है, जिसका वजन 15-18 किलो है।
आकर्षक शो और प्रस्तुति
- बीकानेर के BBG ग्रुप के लोग अपनी लंबी दाढ़ी-मूंछों के साथ आकर्षण का केंद्र बने।
- अन्नू जोकर और उम्मीद लंगूर के गेटअप में नजर आए।
- राजस्थानी गाड़िया लोहार की झांकी ने दर्शकों का मन मोह लिया।
- सरदारशहर की बींजवा चंग मंडली ने रंगारंग प्रस्तुति दी।
- बहरूपिया पार्टी के शमशाद ने बताया कि उन्होंने हांगकांग सहित कई देशों में प्रदर्शन किया है, लेकिन शेखावाटी उत्सव की खास बात अलग है।









